Vaishali News: वैशाली में बीपीएससी शिक्षिका की संदिग्ध मौत, मायके वालों से छीना शव
Vaishali News: बिहार के वैशाली जिले में एक महिला शिक्षिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब एक गंभीर आपराधिक मोड़ ले लिया है। बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त शिक्षिका प्रिया भारती का शव फंदे से लटका हुआ मिला था, जिसे पुलिस शुरुआती तौर पर आत्महत्या मान रही थी। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद जो कुछ हुआ, उसने पूरे प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। आरोप है कि जब मायके वाले पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर जा रहे थे, तब शिक्षिका के पति ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ मिलकर जबरन शव छीन लिया और बिना दाह-संस्कार किए उसे गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया।

फंदे पर लटके शव और सुसाइड नोट ने पैदा किया गहरा संदेह
प्रिया भारती का शव घर की सीढ़ियों पर एक पतली नायलॉन की रस्सी से लटका पाया गया था। घटनास्थल की स्थिति चीख-चीखकर किसी अनहोनी की गवाही दे रही है। परिजनों का तर्क है कि जिस रस्सी का इस्तेमाल किया गया, वह इतनी कमजोर थी कि 50 किलो का वजन भी नहीं सह सकती। इसके अलावा, मृतका के पैर जमीन (सीढ़ी) पर टिके हुए थे, जो आमतौर पर फांसी के मामलों में मुमकिन नहीं होता। सबसे चौंकाने वाली बात मौके से बरामद सुसाइड नोट है, जिसकी शुरुआत ही इस वाक्य से होती है कि “यह कोई हत्या नहीं है।” विशेषज्ञों और परिजनों का मानना है कि कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से जान देते समय ऐसी सफाई नहीं देता, जिससे अंदेशा है कि यह नोट दबाव में लिखवाया गया है।
दबंगई के बीच पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
शव छीनने की इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मृतका का पति दीपक कुमार, जो एक बैंक में डिप्टी मैनेजर है, अपने 50 से अधिक साथियों के साथ एम्बुलेंस को घेरता नजर आ रहा है। इस दौरान कुछ सफेदपोश नेताओं और रसूखदारों की मौजूदगी ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस पूरी गुंडागर्दी के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को कोनहारा घाट पर ले जाकर बिना किसी रीति-रिवाज के गंगा में फेंक दिया गया। वीडियो साक्ष्य सामने आने के बाद अब उन चेहरों की पहचान की जा रही है जो कानून को ठेंगे पर रखकर इस कृत्य में शामिल थे।
दहेज उत्पीड़न और तीन माह की मासूम का भविष्य
परिजनों के अनुसार, प्रिया की शादी नवंबर 2024 में दीपक कुमार से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। प्रिया ने हाल ही में एक बेटी को जन्म दिया था, जो अभी मात्र तीन महीने की है। घटना से ठीक दो दिन पहले सास बच्ची को लेकर गांव चली गई थी और प्रिया को घर में अकेला छोड़ दिया गया था। मायके वालों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फर्जी सुसाइड नोट और कमजोर रस्सी का ड्रामा रचा गया।
इंसाफ की गुहार और पुलिसिया तफ्तीश का अगला चरण
इस घटना ने वैशाली पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सुसाइड नोट में मोबाइल फोन पति को ही सौंपने की बात लिखी होना भी शक की सुई को दीपक की ओर घुमाता है। फिलहाल, पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज में दिख रहे संदिग्धों और कथित नेताओं की संलिप्तता की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन पर अब दबाव है कि वह इस हाई-प्रोफाइल मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे ताकि तीन माह की मासूम को अनाथ करने वाले दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके



