बिहार

RiverAccident – गंगा घाट पर लापरवाही से नदी में समाई बुजुर्ग की स्कॉर्पियो

RiverAccident – पटना के दीघा स्थित पाटीपुल घाट पर सोमवार को एक दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई, जहां एक बुजुर्ग दंपत्ति की स्कॉर्पियो देखते ही देखते गंगा नदी में डूब गई। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि मौके पर मौजूद बड़ी संख्या में लोग मदद करने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। इस घटना ने लोगों की संवेदनशीलता और सार्वजनिक जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गाड़ी मालिक की पहचान बेगूसराय निवासी राम नरेश सिंह के रूप में हुई है, जो शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ पटना के शिवपुरी इलाके में रह रहे हैं। बताया गया कि उनके घर में धार्मिक आयोजन था और उसी पूजा सामग्री के विसर्जन के लिए वह अपनी पत्नी के साथ दीघा घाट पहुंचे थे।

हैंडब्रेक लगाना भूलना पड़ा भारी

राम नरेश सिंह ने बताया कि घाट पर पहुंचने के बाद उन्होंने ढलान वाली जगह पर अपनी स्कॉर्पियो खड़ी की थी। पूजा सामग्री लेकर जैसे ही वह और उनकी पत्नी वाहन से नीचे उतरे, तभी गाड़ी धीरे-धीरे पीछे की ओर खिसकने लगी। शुरुआती कुछ सेकंड तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है।

बाद में पता चला कि जल्दबाजी में गाड़ी का हैंडब्रेक ठीक से नहीं लगाया गया था। ढलान होने की वजह से वाहन तेजी से गंगा की ओर बढ़ने लगा। सिंह ने तुरंत गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन अकेले उनके लिए भारी वाहन को संभालना संभव नहीं हो पाया।

मदद की गुहार लगाते रहे, लोग वीडियो बनाते रहे

घटना के दौरान घाट पर काफी लोग मौजूद थे। राम नरेश सिंह के अनुसार उन्होंने कई बार लोगों से मदद मांगी और आवाज लगाई, लेकिन कोई आगे नहीं आया। कुछ लोग दूर खड़े होकर पूरी घटना अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते रहे। देखते ही देखते स्कॉर्पियो पानी में उतर गई और कुछ ही मिनटों में गहरे हिस्से में समा गई।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि मौके पर मौजूद कुछ लोग मिलकर वाहन को रोकने की कोशिश करते तो शायद गाड़ी को बचाया जा सकता था। घटना के समय गंगा नदी में एक बड़ा जहाज भी गुजर रहा था, लेकिन तब तक वाहन काफी आगे बढ़ चुका था।

घटना ने उठाए सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय सिर्फ वाहन का डूबना नहीं, बल्कि लोगों का व्यवहार भी बना हुआ है। सोशल मीडिया के दौर में हादसों को रिकॉर्ड करना आम होता जा रहा है, लेकिन जरूरत के समय मदद के लिए आगे न आना चिंता का विषय माना जा रहा है।

राम नरेश सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने लोगों से हाथ जोड़कर मदद मांगी, लेकिन अधिकांश लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे। उनका कहना था कि अगर कुछ लोग साथ मिलकर धक्का लगा देते तो वाहन को बचाया जा सकता था।

घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग

इस घटना के बाद घाटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ढलान वाले घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था की जाए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि नदी किनारे वाहन खड़ा करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। फिलहाल घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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