बिहार

RajyaSabhaElection – बिहार में पांचवीं सीट को लेकर NDA और महागठबंधन की सक्रियता तेज

RajyaSabhaElection – बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज हो रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन दोनों ही इस चुनाव में अधिकतम सीटें जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। विधानसभा में विधायकों की संख्या को देखते हुए चार सीटों के परिणाम लगभग स्पष्ट माने जा रहे हैं, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच कड़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बन गई है। इसी कारण दोनों खेमे अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और संभावित समर्थन जुटाने में जुटे हुए हैं। हाल के दिनों में लगातार बैठकों और राजनीतिक संपर्कों ने इस चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।

विधायकों को साधने के लिए एनडीए की बैठकें

राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए ने अपने विधायकों के साथ बैठकों की श्रृंखला शुरू करने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार पहली बैठक गुरुवार शाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर आयोजित की जा रही है। इस बैठक में विधायकों के लिए रात्रि भोज की भी व्यवस्था की गई है। माना जा रहा है कि इस दौरान उन्हें मतदान प्रक्रिया से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी और गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में एकजुट रहने का संदेश दिया जाएगा।

इसके बाद 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर बैठक प्रस्तावित है। तीसरी बैठक 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के घर आयोजित की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन बैठकों का उद्देश्य विधायकों के बीच समन्वय बनाए रखना और चुनाव से पहले किसी भी प्रकार की असमंजस की स्थिति से बचना है।

पांचवीं सीट को लेकर बढ़ी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा

बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा और जदयू को दो-दो सीटें मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि पांचवीं सीट के लिए मुकाबला कड़ा हो गया है, क्योंकि इस सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है।

राजनीतिक गणित के अनुसार एनडीए को इस सीट के लिए कुछ और विधायकों के समर्थन की जरूरत है, जबकि महागठबंधन भी अपने पक्ष में अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से दोनों खेमे लगातार राजनीतिक संपर्क और बैठकों के जरिए अपने समीकरण मजबूत करने में लगे हैं।

विपक्षी दलों की सक्रियता भी बढ़ी

महागठबंधन की ओर से भी चुनाव को लेकर लगातार गतिविधियां देखी जा रही हैं। हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गठबंधन से जुड़े दलों की बैठक बुलाई थी। इसके बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने उनसे मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।

अख्तरूल ईमान ने यह भी बताया कि 15 मार्च को उनके आवास पर आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में तेजस्वी यादव के शामिल होने की संभावना है। इस मुलाकात के बाद महागठबंधन के कुछ नेताओं ने दावा किया कि उनके उम्मीदवार को पर्याप्त समर्थन मिलने की संभावना है।

समर्थन को लेकर दोनों पक्षों के दावे

राजद नेताओं का कहना है कि उनके उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के पक्ष में पर्याप्त समर्थन मौजूद है और उन्हें जीत का भरोसा है। वहीं कुछ अन्य दलों के नेताओं ने भी यह दावा किया है कि विभिन्न दलों के विधायक उनके संपर्क में हैं, जिससे पांचवीं सीट का समीकरण बदल सकता है।

दूसरी ओर एनडीए के नेताओं ने भी अपनी जीत को लेकर विश्वास जताया है। राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि चुनाव के परिणाम आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और गठबंधन सभी सीटों पर मजबूत प्रदर्शन करेगा। भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने भी यह भरोसा जताया है कि गठबंधन को आवश्यक समर्थन मिलेगा और परिणाम उनके पक्ष में रहेगा।

मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवार

बिहार से राज्यसभा की इन सीटों के लिए विभिन्न दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जदयू की ओर से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा ने नितिन नवीन और शिवेश राम को मैदान में उतारा है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं। वहीं महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।

राज्यसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पांचवीं सीट के लिए होने वाले इस मुकाबले में किस पक्ष के समीकरण मजबूत साबित होते हैं।

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