बिहार

Khagaria Minor Girl Murder Case: दरिंदगी की इंतिहा! 4 साल की मासूम का अपहरण और फिर बेरहमी से हुआ कत्ल…

Khagaria Minor Girl Murder Case: बिहार के खगड़िया जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। गंगौर थाना क्षेत्र के भदास मुसहरी गांव में महज 4 साल की एक मासूम बच्ची, जो अपने घर के आंगन में बेफिक्र होकर खेल रही थी, अचानक काल के गाल में समा गई। यह घटना (Tragic Death of an Innocent Child) केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि हमारे समाज के सुरक्षित होने के दावों पर भी एक बड़ा सवालिया निशान है। मंगलवार शाम से लापता इस कली को जिस बेरहमी से मसला गया, उसने पूरे इलाके के लोगों का दिल दहला दिया है।

Khagaria Minor Girl Murder Case
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खेलती हुई बच्ची का अचानक ओझल हो जाना

मामला मंगलवार यानी 6 जनवरी की शाम करीब 4 बजे का है, जब पिंटू कुमार की नन्ही बेटी अपने घर के पास ही खेल रही थी। परिजनों को जरा भी भान नहीं था कि (Sudden Disappearance of Minor) जैसी कोई अनहोनी उनके घर की दहलीज तक आ पहुंची है। जब काफी देर तक बच्ची नजर नहीं आई, तो घर वालों की सांसें अटक गईं। पूरे गांव में शोर मच गया, लोग लालटेन और टॉर्च लेकर गलियों में उसे ढूंढने लगे। जब रात 10 बजे तक कोई सुराग नहीं मिला, तो भारी मन से गंगौर थानाध्यक्ष को इसकी सूचना दी गई।

पुलिस की सक्रियता और अंधेरे में तलाशी का संघर्ष

सूचना मिलते ही गंगौर थानाध्यक्ष श्याम सुंदर पासवान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रात के अंधेरे में ही चौक-चौराहों और सुनसान झाड़ियों में (Urgent Search Operation by Police) शुरू कर दिया था। हालांकि, कड़ाके की ठंड और अंधेरे के कारण सफलता हाथ नहीं लगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खगड़िया एसपी राकेश कुमार ने खुद कमान संभाली और रात में ही विशेष दिशा-निर्देश जारी किए ताकि सुबह होते ही जांच की गति को तेज किया जा सके।

आधुनिक तकनीक का सहारा और विशेष टीम का गठन

बुधवार की सुबह होते ही एसपी के निर्देश पर एएसपी पारस नाथ साहू के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस को शक था कि बच्ची गांव के आसपास के खेतों में हो सकती है। इसी अंदेशे के तहत (Special Investigation Team Formation) ने पारंपरिक खोजबीन के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया। पुलिस ने पूरे इलाके की हवाई निगरानी शुरू की ताकि कोई भी संदिग्ध कोना जांच से अछूता न रह जाए।

ड्रोन की नजर ने खोला सरसों के खेत का खौफनाक राज

करीब दो घंटे तक आसमान से जमीन की खाक छानने के बाद, दोपहर 12 बजे ड्रोन कैमरे की फुटेज में कुछ हलचल दिखी। घर से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक घने (Identification Through Drone Surveillance) सरसों के खेत के बीच एक संदिग्ध वस्तु नजर आई। जब पुलिस की टीम धड़कते दिलों के साथ उस खेत के बीचों-बीच पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सबकी आंखें नम हो गई। मासूम बच्ची का निष्प्राण शरीर वहां पड़ा था, जिसे देखकर यह साफ था कि उसे बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है।

एफएसएल टीम और फॉरेंसिक साक्ष्यों का संग्रहण

शव बरामद होने के तुरंत बाद पुलिस ने घटनास्थल को चारों तरफ से सील कर दिया। साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, इसके लिए (Forensic Science Laboratory Evidence) की टीम को मुजफ्फरपुर से बुलाया गया। विशेषज्ञों ने मिट्टी, पदचिह्न और अन्य सूक्ष्म सुरागों को इकट्ठा किया ताकि हत्यारों तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्यवाही पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेज दिया, जहां डॉक्टरों की टीम बारीकी से जांच कर रही है।

एसपी का कड़ा रुख: दोषियों को मिलेगी पाताल से भी खोजकर सजा

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे एसपी राकेश कुमार ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि न्याय होकर रहेगा। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि (Strict Legal Action Against Criminals) पुलिस की प्राथमिकता है और कुछ संदिग्धों को चिन्हित कर लिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हत्या से पहले मासूम के साथ किसी प्रकार की और दरिंदगी की गई थी। एसपी ने स्पष्ट किया कि इस जघन्य अपराध के पीछे जो भी चेहरा होगा, उसे कानून के सबसे कठोर प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा।

मातम में डूबा भदास मुसहरी और सुरक्षा पर उठते सवाल

इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे भदास मुसहरी गांव में चूल्हा नहीं जला है। हर आंख नम है और हर जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर (Public Outrage and Security Concerns) ऐसी कौन सी दुश्मनी थी जिसके लिए एक अबोध बच्ची की जान ले ली गई। ग्रामीण अब पुलिस से जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। समाज के हर वर्ग ने इस कृत्य की निंदा की है और मांग की है कि ऐसे अपराधियों के लिए स्पीडी ट्रायल चलाकर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।

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