बिहार

RabriResidence – सरकारी आवास खाली करने की प्रक्रिया में जुटा लालू परिवार

RabriResidence – बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी नोटिसों के बाद रविवार तक बंगले से सामान दूसरे स्थानों पर भेजने का काम जारी रहा। इसी बीच लालू प्रसाद और राबड़ी देवी ने कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास का भी निरीक्षण किया, जिससे जल्द स्थानांतरण की संभावना जताई जा रही है।

सामान स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी

रविवार को भी बंगले से सामान पिकअप वाहनों के जरिए दूसरे स्थानों पर भेजा जाता रहा। जानकारी के अनुसार कुछ सामान तेजस्वी यादव के सरकारी आवास और कुछ कौटिल्य नगर स्थित निजी मकान में पहुंचाया गया। सुबह तेजस्वी यादव भी सर्कुलर रोड स्थित आवास से निकलकर पोलो रोड स्थित अपने आवास के लिए रवाना हुए। इससे संकेत मिले कि परिवार आवास खाली करने की तैयारी में जुटा हुआ है।

सरकारी सामान की सूची मांगी गई

राबड़ी देवी की ओर से भवन निर्माण विभाग से आवास में उपलब्ध कराए गए सरकारी सामान का विवरण मांगा गया है। विभाग इस सूची को तैयार करने में जुटा है। अधिकारियों के अनुसार कई वर्ष पहले उपलब्ध कराए गए सामान का रिकॉर्ड एकत्र करने की प्रक्रिया चल रही है। राजद नेताओं का कहना है कि भविष्य में किसी तरह के विवाद से बचने के लिए सरकारी संपत्ति का पूरा विवरण पहले से स्पष्ट होना आवश्यक है।

चार नोटिस के बाद तेज हुई प्रक्रिया

भवन निर्माण विभाग के अनुसार राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास पहले ही आवंटित किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि 10 सर्कुलर रोड का बंगला अब किसी अन्य मंत्री के नाम आवंटित हो चुका है। इसी कारण विभाग की ओर से पूर्व में कई नोटिस जारी किए गए थे। अब आवास खाली करने की प्रक्रिया में तेजी दिखाई दे रही है।

निजी आवास में शिफ्ट होने की संभावना

सूत्रों के अनुसार कौटिल्य नगर स्थित लालू परिवार के निजी मकान का निर्माण अंतिम चरण में है। संभावना जताई जा रही है कि तैयार होने के बाद परिवार वहीं स्थानांतरित हो सकता है। हालांकि सरकार की ओर से आवंटित नए सरकारी आवास में जाने को लेकर अभी तक परिवार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

राजनीतिक बयानबाजी भी रही चर्चा में

इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयान भी सामने आए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में कहा था कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होता और आवंटन नियमों के अनुसार ही उसका उपयोग होना चाहिए। वहीं इस विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आवास खाली करने की प्रक्रिया कब पूरी होती है।

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