बिहार

Muzaffarpur Child Drowning Case: इधर मंदिर में मां मांग रही थी दुआएं, उधर पोखर में डूबकर बुझ गया घर का इकलौता चिराग…

Muzaffarpur Child Drowning Case: मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक मासूम बच्चा जो अभी जीवन की दहलीज पर कदम ही रख रहा था, काल के गाल में समा गया। खेलते-खेलते हुई इस अनहोनी ने (Child Safety) को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 4 वर्षीय अयांश कुमार की मौत की खबर मिलते ही जिराती टोला इलाके में मातम छा गया है और हर आंख नम है।

Muzaffarpur Child Drowning Case
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भक्ति के बीच मची चीख-पुकार: पूजा में व्यस्त थी मां

मिली जानकारी के अनुसार, अयांश की मां सलोनी कुमारी अपने लाडले के साथ धर्मेश्वर नाथ महादेव मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। मां भगवान की भक्ति और पूजा-अर्चना में लीन थीं, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि मंदिर के पास स्थित दास पोखर उनके बच्चे की मौत का कुआं बन जाएगा। (Parental Supervision) में जरा सी चूक उस वक्त भारी पड़ गई जब खेलते-खेलते अयांश की नजरें मां से हट गईं और वह पोखर की ओर चला गया।

खेलते-खेलते गहरे पानी की गहराई में खो गया मासूम

अयांश मंदिर के पास बने पोखर के किनारे खेलते हुए अचानक असंतुलित होकर पानी में गिर गया। जब पूजा खत्म कर मां ने पीछे मुड़कर देखा, तो अयांश वहां मौजूद नहीं था। (Local Search Operation) के तहत परिजनों और आसपास के लोगों ने तुरंत बच्चे की तलाश शुरू की, लेकिन पोखर की गहराई और गाद के कारण घंटों तक उसका कुछ पता नहीं चल सका। देखते ही देखते मंदिर परिसर का माहौल खुशनुमा से गमगीन हो गया।

पुलिस और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद मिला शव

जैसे ही घटना की सूचना साहेबगंज पुलिस को मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की संयुक्त (Rescue Effort) के बाद अयांश के बेजान शरीर को पानी से बाहर निकाला गया। जैसे ही मासूम का शव जमीन पर रखा गया, सलोनी कुमारी और पिता हीरा कुमार के करुण क्रंदन से पूरा इलाका दहल उठा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार अपने बेटे को पुकार रहे हैं।

साहेबगंज थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान और कानूनी प्रक्रिया

मामले की पुष्टि करते हुए साहेबगंज थाना प्रभारी ने बताया कि बच्चे के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। उन्होंने बताया कि (Police Procedures) के तहत शव को कब्जे में ले लिया गया है और कागजी कार्यवाही पूरी की जा रही है। पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव: गम में डूबा पूरा गांव

पुलिस ने मासूम अयांश के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि पोखर के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना इस (Fatal Accident) की एक बड़ी वजह है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि सार्वजनिक स्थलों पर बने जल निकायों के चारों ओर घेराबंदी की जाए ताकि भविष्य में किसी और मां की गोद सूनी न हो।

असुरक्षित जल निकायों के पास बढ़ता खतरा: एक चेतावनी

यह घटना उन सभी अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है जो बच्चों को लेकर धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक मैदानों में जाते हैं। अक्सर देखा गया है कि (Public Safety Hazards) जैसे खुले गड्ढे या असुरक्षित तालाब मासूमों की जान के दुश्मन बन जाते हैं। प्रशासन को भी चाहिए कि वह ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा जाली लगवाए, ताकि फिर किसी अयांश को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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