Kidnapping – भागलपुर में लापता छात्रा सुल्तानगंज से सकुशल बरामद
Kidnapping – भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह लापता हुई 12 वर्षीय छात्रा को पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया। छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसकी गुमशुदगी के बाद मोबाइल पर 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

मटन की दुकान पर अचानक लापता हुई छात्रा
परिजनों के अनुसार छात्रा अपनी मां के साथ अलीगंज स्थित एक मटन दुकान पर गई थी। मां खरीदारी में व्यस्त थीं, तभी कुछ देर बाद पीछे मुड़कर देखा तो बेटी वहां मौजूद नहीं थी। उन्होंने आसपास काफी तलाश की और स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिवार ने बबरगंज थाना पहुंचकर घटना की सूचना पुलिस को दी।
परिजनों ने फिरौती मांगने का लगाया आरोप
परिवार का कहना है कि छात्रा के लापता होने के कुछ समय बाद मोबाइल फोन पर कॉल आए, जिनमें 50 लाख रुपये की मांग की गई। परिजनों के अनुसार कॉल करने वालों ने पैसे नहीं देने पर बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
विशेष टीम के गठन के बाद तेज हुई कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम और तकनीकी टीम का गठन किया गया। जिले के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के दौरान बुधवार शाम करीब पांच बजे छात्रा सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर ली गई। इसके बाद महिला पुलिसकर्मी की निगरानी में उसे भागलपुर लाया गया।
सुरक्षित बरामदगी से परिजनों ने ली राहत की सांस
छात्रा के सकुशल मिलने की सूचना मिलते ही परिवार ने राहत व्यक्त की। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए जांच टीम का आभार जताया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा किन परिस्थितियों में सुल्तानगंज पहुंची और पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या वजह रही।
पुलिस ने जांच पूरी होने तक निष्कर्ष से बचने की दी सलाह
सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार ने कहा कि फिलहाल इस मामले को फिरौती के लिए अपहरण का मामला घोषित करना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।