Judiciary – सुप्रीम कोर्ट में जज बने जस्टिस एस. चंद्रशेखर, पैतृक गांव में खुशी का माहौल
Judiciary – मुंबई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस एस. चंद्रशेखर ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण कर ली। उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के साथ ही बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चैनपुर गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे न केवल गांव बल्कि पूरे जिले और राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।

गांव में जश्न जैसा माहौल
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एस. चंद्रशेखर की नियुक्ति की जानकारी मिलते ही चैनपुर गांव में लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देना शुरू कर दिया। गांव के कई लोग एकत्र हुए और इस उपलब्धि को उत्सव की तरह मनाया। ग्रामीणों का कहना है कि जस्टिस चंद्रशेखर ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण के बल पर यह सम्मानजनक स्थान हासिल किया है।
पैतृक घर के सामने हुआ धार्मिक आयोजन
इस अवसर पर उनके पैतृक घर के सामने स्थित मंदिर में विशेष पूजा और हवन का आयोजन किया गया। स्थानीय पुरोहितों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने उनकी लंबी आयु, स्वस्थ जीवन और न्यायिक दायित्वों के सफल निर्वहन की कामना की। पूजा के बाद गांव में मिठाइयां बांटी गईं और लोगों ने अपनी खुशी साझा की।
परिजनों ने जताया गर्व
जश्न के दौरान जस्टिस चंद्रशेखर के चाचा युगल किशोर सिंह और मामा नवल किशोर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने गांववासियों के साथ मिलकर लोगों का स्वागत किया और बधाई देने पहुंचे लोगों को मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की। परिजनों ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे परिवार के लिए सम्मान और गर्व का विषय है।
पिता की शिक्षा और संस्कारों की चर्चा
गांव के बुजुर्गों ने इस अवसर पर जस्टिस चंद्रशेखर के पिता श्याम किशोर का भी उल्लेख किया। सेवानिवृत्त अभियंता रहे श्याम किशोर को क्षेत्र में एक अनुशासित और सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि परिवार से मिले अच्छे संस्कार और शिक्षा के प्रति समर्पण ने जस्टिस चंद्रशेखर को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने बताया गौरव का क्षण
चैनपुर के लोगों का कहना है कि जस्टिस चंद्रशेखर भले ही लंबे समय से गांव से बाहर रह रहे हों, लेकिन उनका व्यवहार हमेशा सरल और आत्मीय रहा है। गांव आने पर वे स्थानीय लोगों से सहज रूप से मिलते-जुलते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव का एक बेटा अब देश की सर्वोच्च अदालत में न्यायिक जिम्मेदारी निभाएगा, यह पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उपलब्धि है।