JDUDispute – बांका सांसद गिरधारी यादव पर अयोग्यता का नोटिस जारी
JDUDispute – जनता दल यूनाइटेड के भीतर उभरते मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी ने बांका से सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजा गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पार्टी के निर्देशों के विपरीत गतिविधियों में हिस्सा लिया। यह कदम जदयू के अंदर बढ़ते असंतोष और अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष को भेजा गया पत्र
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में जदयू के नेता दिलेश्वर कामत ने स्पीकर को पत्र लिखकर गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि सांसद ने पार्टी लाइन से हटकर काम किया और चुनाव के दौरान भी ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे जो पार्टी के हित में नहीं थीं। इस शिकायत के आधार पर अब अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष के स्तर पर होना है।
गिरधारी यादव ने आरोपों से किया इनकार
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरधारी यादव ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है और जब लोकसभा अध्यक्ष की ओर से उनसे जवाब मांगा जाएगा, तब वह अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ किसी भी तरह की दल-विरोधी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं है और आरोप निराधार हैं।
चुनाव के दौरान बेटे की भूमिका बनी वजह
विवाद की जड़ पिछले विधानसभा चुनाव से जुड़ी मानी जा रही है। उस समय गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश ने राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर बेलहर सीट से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर जदयू के उम्मीदवार मनोज यादव मैदान में थे। हालांकि चाणक्य को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद से ही गिरधारी यादव की पार्टी के प्रति निष्ठा पर सवाल उठने लगे थे।
ललन सिंह ने स्पष्ट किया पार्टी का पक्ष
इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह के नाम से जाना जाता है, ने कहा कि यह निर्णय व्यक्तिगत नहीं बल्कि परिस्थितियों के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जब कोई नेता अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से विपक्षी दल का समर्थन करता है और उसके पक्ष में प्रचार करता है, तो यह पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना जाता है। इसी आधार पर संसदीय दल के नेता ने स्पीकर को आवेदन दिया है।
राजद ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल की ओर से इस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी की सांसद मीसा भारती ने कहा कि किसी सांसद के बेटे के राजनीतिक फैसलों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चाणक्य प्रकाश एक वयस्क हैं और अपने राजनीतिक निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। ऐसे में इस आधार पर गिरधारी यादव के खिलाफ कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं लगता।
अब यह मामला लोकसभा अध्यक्ष के पास है, जहां सभी पक्षों को सुनने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है और आने वाले समय में इसका असर राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।



