बिहार

ParliamentNews – लोकसभा में पप्पू यादव और रेल मंत्री के बीच तीखी बहस

ParliamentNews – लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया जब बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भारतीय रेलवे की व्यवस्था और चुनावी समय में की जाने वाली घोषणाओं पर सवाल उठाए। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने सीधे तौर पर रेल मंत्रालय से पूछा कि सीमित संसाधनों के बावजूद चुनावी अवधि में बड़ी संख्या में ट्रेनों की घोषणा कैसे की जाती है। उनके सवालों के बीच सदन में कुछ समय के लिए तीखी बहस का माहौल बन गया।

ट्रेनों की संख्या और घोषणाओं पर उठे सवाल
पप्पू यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि देश में ट्रेनों और कोच की संख्या सीमित है, जबकि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने तर्क दिया कि जब सामान्य दिनों में लोगों को टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और वेटिंग लिस्ट लंबी रहती है, तब चुनाव के समय अचानक अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणा समझ से परे लगती है। उनका कहना था कि यह स्थिति आम यात्रियों के अनुभव से मेल नहीं खाती और इससे कई सवाल खड़े होते हैं।

यात्रियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
सांसद ने यह भी कहा कि आम यात्रियों को अक्सर कन्फर्म टिकट पाने में कठिनाई होती है। कई बार यात्रियों को लंबी दूरी तय करने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने पूछा कि यदि रेलवे के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, तो उन्हें नियमित संचालन में क्यों नहीं लगाया जाता। उनके अनुसार, यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा देना प्राथमिकता होनी चाहिए।

चुनावी समय में विशेष ट्रेनों पर सवाल
पप्पू यादव ने यह भी संकेत दिया कि चुनावी समय में अतिरिक्त ट्रेनों की घोषणाएं राजनीतिक दृष्टि से प्रेरित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आम दिनों में संसाधनों की कमी की बात कही जाती है, लेकिन जैसे ही चुनाव आते हैं, बड़ी संख्या में विशेष ट्रेनों की घोषणा सामने आती है। उन्होंने सरकार से इस अंतर को स्पष्ट करने की मांग की और इसे पारदर्शिता से जोड़ते हुए जवाब मांगा।

रेल मंत्री ने दिया जवाब
इन आरोपों का जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन में स्पष्ट किया कि रेलवे की संचालन प्रणाली मांग और परिस्थिति के अनुसार काम करती है। उन्होंने कहा कि त्योहारों या विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए उस समय अतिरिक्त ट्रेनें चलाना आवश्यक हो जाता है। इसे चुनावी घोषणा से जोड़ना उचित नहीं है।

विशेष ट्रेनों के आंकड़े पेश किए
रेल मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों की सुविधा के लिए हजारों विशेष ट्रेनें चलाई गईं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत करना सही नहीं है। उनके अनुसार, रेलवे लगातार अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, जिसमें नई पटरियों का निर्माण और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण शामिल है।

बहस के बाद भी कायम रहे मतभेद
हालांकि, मंत्री के जवाब के बावजूद पप्पू यादव संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने अपने सवालों पर जोर बनाए रखा और कहा कि इस मुद्दे पर स्पष्ट और विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए। सदन में यह मुद्दा कुछ समय तक चर्चा का केंद्र बना रहा, जिससे यह साफ हो गया कि रेलवे की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस आने वाले समय में भी जारी रह सकती है।

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