Hospital Fire – मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड की जांच को एसआईटी गठित
Hospital Fire – बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक निजी अस्पताल में हुई आग की घटना के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह विद्युत शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस टीम में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो हादसे के हर पहलू की पड़ताल करेंगे।

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि घटना के कारणों और परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आईसीयू क्षेत्र से आग शुरू होने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आग अस्पताल के आईसीयू क्षेत्र में लगे एक मॉनिटर से शुरू हुई हो सकती है। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के कारण आग भड़की और धीरे-धीरे आसपास के हिस्सों में फैल गई।
आईसीयू और सीसीयू वार्ड में उस समय लगभग 20 मरीज भर्ती थे। आग फैलने के बाद पूरे क्षेत्र में धुआं भर गया, जिससे मरीजों और अस्पताल कर्मियों के सामने गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासन का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
एसआईटी करेगी विस्तृत जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए गठित एसआईटी को सभी तथ्यों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम में उप मंडल पदाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस उपाधीक्षक (एसडीपीओ) सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
जांच के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपायों और तकनीकी उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। प्रशासन यह भी पता लगाएगा कि आपात स्थिति में अस्पताल की प्रतिक्रिया व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
घायलों के इलाज की व्यवस्था
हादसे के बाद कई मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था की जा रही है और उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को सहायता राशि की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मेडिकल बोर्ड करेगा अलग से समीक्षा
हादसे में हुई मौतों और उपचार संबंधी परिस्थितियों की समीक्षा के लिए मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है। यह बोर्ड चिकित्सकीय पहलुओं की जांच करेगा और आवश्यक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगा।
मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की जांच से हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
देर रात हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार आग की घटना गुरुवार तड़के करीब दो बजे हुई। अस्पताल के आईसीयू में अचानक आग लगने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया गया।
प्रशासन ने अब तक कई मृतकों की पहचान होने की पुष्टि की है। वहीं अन्य प्रभावित लोगों की स्थिति और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है।