Bhojpur Road Accident: अस्पताल से घर लौटते समय रास्ते में थमी सांसें, बेकाबू बाइक ने छीनी परिवार की मुस्कान
Bhojpur Road Accident: बिहार के भोजपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक बुजुर्ग की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। सहार थाना क्षेत्र के लोदीपुर हाता गांव निवासी 60 वर्षीय श्रद्धा पासवान की (Road Accident) में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। सबसे दुखद बात यह रही कि जब परिजन उन्हें अस्पताल से ठीक होने की उम्मीद में घर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रफ्तार के कहर ने उजाड़ा आशियाना
परिजनों ने बताया कि यह दर्दनाक हादसा (Bhojpur Road Accident) साल के पहले ही दिन यानी 1 जनवरी को हुआ था। श्रद्धा पासवान खड़ाव चतर्भुज स्थित ब्राह्मण बाबा के पास पैदल जा रहे थे, तभी एक अनियंत्रित (High Speed Bike) ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए और उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए उन्हें तुरंत सहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन वहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी रही।
पटना से वापसी के दौरान थमी धड़कनें
सहार में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अरवल रेफर कर दिया, लेकिन वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ। स्थिति बिगड़ते देख परिजन उन्हें पटना के प्रसिद्ध अस्पताल पीएमसीएच (PMCH Patna) लेकर पहुंचे। कई दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद जब डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज किया, तो परिजनों को लगा कि अब सब ठीक हो जाएगा। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था; घर पहुंचने से पहले ही रास्ते में श्रद्धा पासवान की धड़कनें हमेशा के लिए थम गईं।
पुलिसिया कार्रवाई और इंसाफ की गुहार
बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए शव का पोस्टमार्टम आरा सदर अस्पताल में कराया। घटना की जानकारी मिलते ही (Sahar Police) की टीम सक्रिय हो गई और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि उस अज्ञात मोटरसाइकिल सवार की जल्द पहचान की जाए जिसने लापरवाही से गाड़ी चलाकर श्रद्धा पासवान की जान ली है। गांव के लोग भी सड़क सुरक्षा को लेकर आक्रोशित नजर आ रहे हैं।
बेसहारा हुआ परिवार और बढ़ती असुरक्षा
श्रद्धा पासवान अपने परिवार के मुख्य स्तंभ थे और उनकी अचानक मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि (Traffic Negligence) के कारण आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं, जिन पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन और चालक की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़कों पर बेकाबू रफ्तार किस कदर मासूम जिंदगियों को अपना निवाला बना रही है।



