SnowfallUpdate – मार्च में बर्फबारी से चकराता समेत पर्वतीय इलाकों में बढ़ी ठंड
SnowfallUpdate – उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में मार्च के महीने में हुई ताजा बर्फबारी ने मौसम का रुख अचानक बदल दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की तीसरी बर्फबारी दर्ज की गई, जिसके बाद तापमान में गिरावट साफ तौर पर महसूस की जा रही है। लंबे अंतराल के बाद मार्च में हुई इस बर्फबारी ने इलाके को एक बार फिर सर्दियों जैसा बना दिया है, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही उत्साहित नजर आ रहे हैं।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिखा सर्दियों जैसा नजारा
रविवार देर रात देवबन, मुंडाली, खड़ंबा और मोईला टॉप जैसे ऊंचे इलाकों में हल्की लेकिन असरदार बर्फबारी हुई। बर्फ की परत भले ज्यादा मोटी न हो, लेकिन इसके असर से पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। पहाड़ियों पर जमी बर्फ की सफेद चादर ने प्राकृतिक सौंदर्य को और निखार दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मार्च में इस तरह की बर्फबारी बहुत कम देखने को मिलती है, जिससे इस बार का मौसम खास बन गया है।
सात साल बाद मार्च में दिखी ऐसी बर्फबारी
स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले मार्च महीने में इस तरह की बर्फबारी वर्ष 2019 में दर्ज की गई थी। यानी करीब सात साल बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला है। चकराता के निवासियों का मानना है कि इस बदलाव का असर आने वाले दिनों तक बना रह सकता है। बर्फबारी के बाद ठंड का स्तर बढ़ने से जनजीवन पर भी हल्का असर देखने को मिल रहा है, हालांकि पर्यटन गतिविधियों में इससे रौनक आई है।
पर्यटकों में बढ़ा उत्साह, औली में भी दिखा असर
मार्च में आमतौर पर बर्फ की उम्मीद कम रहती है, लेकिन इस बार मौसम ने पर्यटकों को सुखद आश्चर्य दिया है। औली और आसपास के क्षेत्रों में भी बर्फबारी होने से पर्यटक खासे खुश हैं। बाहर से आए लोगों का कहना है कि इस समय बर्फ देखने का अनुभव अप्रत्याशित और खास है। गोपेश्वर के सामने की चोटियां भी बर्फ से ढकी नजर आईं, जिससे पूरे क्षेत्र का दृश्य आकर्षक बन गया।
तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं का असर
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. ए.के. शर्मा के अनुसार, बर्फबारी के बाद अगले 24 घंटों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल अधिकतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बदरीनाथ धाम में जमी आधा फीट से अधिक बर्फ
बदरीनाथ धाम में भी बर्फबारी का असर साफ देखा गया, जहां आधा फीट से अधिक बर्फ जम गई है। सुबह की धूप पड़ते ही बर्फ से ढका धाम बेहद आकर्षक नजर आया। बर्फबारी और बारिश का एक सकारात्मक असर यह भी रहा कि जंगलों में लगी आग पर काबू पाया जा सका, जिससे वन विभाग को राहत मिली है।
बारिश से बदला मौसम, फसलों को मिलेगा लाभ
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश भी दर्ज की गई। सोमवार सुबह जहां तेज धूप खिली, वहीं दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और झमाझम बारिश हुई। इस बदलाव से ठंड एक बार फिर बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश और बर्फबारी बागवानी और अन्य फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
आगे मौसम शुष्क रहने का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 17 मार्च को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर फिलहाल बना रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से हल्की गर्मी का एहसास हो सकता है।