LandFraud – देहरादून में जमीन अधिग्रहण मुआवजे पर विवाद
LandFraud – देहरादून में जमीन अधिग्रहण से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें सेना में तैनात एक जवान ने अपनी खरीदी हुई जमीन का मुआवजा किसी और के खाते में जाने का आरोप लगाया है। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले और वर्तमान में पंजाब के पठानकोट में तैनात नितेश कोटनाला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई उनकी जमीन का मुआवजा उन्हें नहीं मिला।

खरीद के बाद सामने आई अधिग्रहण की जानकारी
नितेश के अनुसार, उन्होंने जून 2017 में शिमला बाईपास रोड के पास रतनपुर निवासी मनमोहन जुयाल से शीशमबाड़ा क्षेत्र में करीब 125 वर्गमीटर जमीन खरीदी थी। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उक्त भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है। स्थिति स्पष्ट करने के लिए उन्होंने संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल से संपर्क किया।
जांच में सामने आया रिकॉर्ड का अंतर
राजस्व अभिलेखों की पड़ताल में यह बात सामने आई कि जिस भूमि का सौदा किया गया था, वह सरकारी रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज ही नहीं थी। साथ ही यह भी जानकारी मिली कि अधिग्रहण का मुआवजा मुकेश नामक व्यक्ति द्वारा प्राप्त कर लिया गया है। इस खुलासे के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने रतनपुर निवासी मनमोहन जुयाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जाएगी। यदि फर्जीवाड़ा साबित होता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भ्रामक वीडियो पर पुलिस की कार्रवाई
इसी बीच देहरादून में एक अन्य घटना में पुलिस ने दो युवकों को कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप में हिरासत में लिया। बल्लीवाला चौक पर नियमित वाहन जांच के दौरान बिना हेलमेट और आवश्यक कागजात के दो युवक पकड़े गए। पुलिस जब चालान की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, तभी दोनों ने कथित तौर पर वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित करने की धमकी दी।
हिरासत और वाहन सीज
पुलिस के मुताबिक समझाने के बावजूद युवक नहीं माने और कार्यवाही में व्यवधान डालते रहे। इसके बाद उन्हें संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत हिरासत में लेकर रातभर थाने में रखा गया और उनका वाहन सीज कर दिया गया। दोनों की पहचान फिरोज खान और अशरफ अहमद के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
विदेशी नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप
शहर में एक और मामला सामने आया है, जिसमें विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये लेने की शिकायत दर्ज की गई है। नवादा निवासी विपेंद्र सिंह ने नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर दी कि मर्चेंट नेवी में नौकरी का भरोसा दिलाकर उनसे करीब छह लाख रुपये लिए गए। आरोप है कि कथित शिप प्रबंधन कंपनी से जुड़े एक दंपति समेत तीन लोगों ने यह रकम ली।
जांच जारी, सतर्क रहने की सलाह
नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में युवाओं को दस्तावेजों और कंपनी की विश्वसनीयता की पूरी जांच करनी चाहिए। तीनों मामलों में पुलिस अलग-अलग स्तर पर पड़ताल कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी।



