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UPSSSCRecruitment – 7994 लेखपाल पदों के लिए 3.66 लाख चयनित

UPSSSCRecruitment – उत्तर प्रदेश में लेखपाल के 7994 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया ने नया चरण पार कर लिया है। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के अंकों के आधार पर 3,66,712 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य घोषित किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि हर एक पद के लिए औसतन 46 उम्मीदवार मैदान में होंगे। ऐसे में प्रतियोगिता पहले से कहीं अधिक कड़ी होने वाली है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की कटऑफ सूची जारी कर दी है और अब मुख्य परीक्षा की तिथि की घोषणा का इंतजार है।

कटऑफ जारी, सभी प्रमुख वर्गों के लिए समान अंक

आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए कटऑफ 55.12 अंक निर्धारित की गई है। वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 47.50 अंक तय की गई है। समान कटऑफ ने यह संकेत दिया है कि इस बार प्रतिस्पर्धा का स्तर संतुलित रहा। आयोग का कहना है कि मुख्य परीक्षा की तारीख जल्द सार्वजनिक की जाएगी ताकि अभ्यर्थी समय रहते अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे सकें।

कनिष्ठ सहायक टंकण परीक्षा का परिणाम घोषित

इसी बीच आयोग ने कनिष्ठ सहायक, कनिष्ठ लिपिक और सहायक स्तर-तीन के 5370 पदों के लिए आयोजित टंकण परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत 90,336 अभ्यर्थियों को टंकण परीक्षा के लिए अर्ह माना गया था। 23 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित परीक्षा में 60,729 उम्मीदवार शामिल हुए। इनमें से 26,318 अभ्यर्थी टंकण परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं। अब आगे की चयन प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार पूरी की जाएगी।

लेखपाल भर्ती का बदला हुआ सिलेबस

इस बार लेखपाल भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम पहले की तुलना में काफी बदला हुआ है। वर्ष 2022 की भर्ती में ग्राम्य समाज एवं विकास से 25-25 प्रश्न पूछे गए थे, लेकिन अब इस विषय से केवल 5 प्रश्न ही शामिल होंगे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि गणित को पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। हालांकि डाटा इंटरप्रिटेशन (DI) को 10 अंकों के साथ शामिल रखा गया है। इसके अलावा कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी और उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य ज्ञान को सिलेबस में जोड़ा गया है। सामान्य हिंदी का महत्व भी घटाकर 10 अंकों तक सीमित कर दिया गया है।

लिखित परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम

मुख्य परीक्षा में भारत का इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय राजव्यवस्था और संविधान, भारत एवं विश्व का भूगोल, अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास, ग्राम्य समाज एवं विकास, समसामयिक घटनाएं तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। इन विषयों से पांच-पांच अंकों के सवाल निर्धारित हैं। पर्यावरण, पारिस्थितिकी और आपदा प्रबंधन, डाटा इंटरप्रिटेशन तथा सामान्य हिंदी से 10-10 अंक के प्रश्न होंगे। कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी से 15 अंक तथा उत्तर प्रदेश से संबंधित सामान्य जानकारी से 20 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे। इस नए ढांचे के अनुसार अभ्यर्थियों को संतुलित तैयारी करनी होगी।

परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया

चयन पूरी तरह लिखित परीक्षा के प्रदर्शन पर आधारित होगा। प्रश्नपत्र कुल 100 अंकों का होगा जिसमें 100 बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल रहेंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। गलत उत्तरों पर निगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी, इसलिए अभ्यर्थियों को सावधानी के साथ प्रश्न हल करने होंगे। अंतिम मेरिट सूची तैयार करते समय आयोग नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला अपनाएगा, ताकि विभिन्न शिफ्टों में हुए परीक्षा स्तर के अंतर को संतुलित किया जा सके।

प्रतिस्पर्धा के बीच बढ़ी तैयारी की जरूरत

इस बार बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के चयनित होने से मुख्य परीक्षा का स्तर और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बदले हुए सिलेबस और नए विषयों के जुड़ने से तैयारी की रणनीति भी बदलनी होगी। अभ्यर्थियों के लिए यह समय अपने कमजोर क्षेत्रों को मजबूत करने और परीक्षा पैटर्न के अनुसार अभ्यास करने का है। आयोग की ओर से परीक्षा तिथि की घोषणा होते ही तैयारी की रफ्तार और तेज होने की संभावना है।

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