Nanda Gaura Yojana – 33 हजार बेटियों को 145 करोड़ से अधिक की सहायता
Nanda Gaura Yojana – उत्तराखंड सरकार ने नंदा गौरा योजना के तहत एक बार फिर बड़ी संख्या में बालिकाओं के खातों में आर्थिक सहायता पहुंचाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 33 हजार से अधिक बेटियों को सीधे बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है। इस प्रक्रिया के जरिए कुल 1 अरब 45 करोड़ 93 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से जारी किए गए। राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक निरंतर सहयोग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक क्लिक से करोड़ों की राशि हस्तांतरित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डिजिटल माध्यम से यह राशि जारी की। सरकार के अनुसार 33,251 बालिकाओं के खातों में सीधे धनराशि भेजी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों तक सहायता बिना किसी देरी के पहुंच रही है।
राज्य सरकार का दावा है कि अब तक इस योजना के माध्यम से 3 लाख 77 हजार से अधिक बेटियों को लाभ मिल चुका है। कुल मिलाकर 11 अरब 68 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि विभिन्न चरणों में जारी की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहयोग देना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करना भी है।
जन्म से शिक्षा तक आर्थिक संबल
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा गौरा योजना का मूल लक्ष्य बेटा-बेटी के बीच भेदभाव को समाप्त करना है। इसके तहत बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं, जब बेटी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा की ओर बढ़ती है, तब 51 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाती है।
सरकार का मानना है कि इस आर्थिक सहयोग से परिवारों को बेटियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलती है। साथ ही, बाल विवाह और शिक्षा से वंचित होने जैसी समस्याओं पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
तीन लाख से अधिक बालिकाएं हो चुकीं लाभान्वित
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 3,77,784 बालिकाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। कुल वितरित राशि 11 अरब 68 करोड़ 49 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली से धनराशि सीधे खातों में पहुंचने से प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, बल्कि सरकारी दफ्तरों की कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
लखपति दीदी योजना का भी जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
सरकार का कहना है कि नंदा गौरा योजना ने कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने में सकारात्मक भूमिका निभाई है। अधिकारियों का मानना है कि सामाजिक सोच में बदलाव लाने के लिए ऐसी योजनाएं अहम साबित होती हैं।
इस वर्ष 5913 नवजात भी शामिल
विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में लाभान्वित होने वाली 33,251 बालिकाओं में 5,913 नवजात शामिल हैं। शेष 27,338 बालिकाओं को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए यह सहायता राशि प्रदान की गई है।
उन्होंने सभी लाभार्थी बेटियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में योजना के दायरे को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बेटियां इसका लाभ उठा सकें।



