MurderCase – हाजीपुर में कार से मिला छात्र का शव
MurderCase – वैशाली जिले के हाजीपुर में महात्मा गांधी सेतु के पास एक कार से युवक का शव मिलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में गुरुवार को पुलिस ने एक उजाला अल्टो कार से गोली लगे युवक का शव बरामद किया। शुरुआती जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पहचान सुनिश्चित करने के लिए सदर अस्पताल के मोर्चरी हाउस में रखा गया।

सिम कार्ड से हुई पहचान
जांच के दौरान पुलिस को कार से एक सिम कार्ड मिला, जिसके आधार पर मृतक की पहचान की गई। मृत युवक जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र के सूरजपुर गांव निवासी मुरारी शर्मा का पुत्र भानु कुमार निकला। भानु पटना में अपनी बहन के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था और इसी वर्ष उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी।
परीक्षा के बाद लापता हुआ छात्र
परिजनों के अनुसार, भानु परीक्षा देने के लिए जहानाबाद स्थित अपने घर गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद उसका किसी युवक से विवाद हुआ था। शिवरात्रि के अगले दिन से वह अपने कमरे से गायब था। परिवार को लगा कि परीक्षा खत्म होने के बाद वह दोस्तों के साथ कहीं चला गया होगा, इसलिए तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
इसी दौरान गंगा ब्रिज थाना पुलिस ने सिम कार्ड के जरिए परिजनों से संपर्क किया। उन्हें पहले सड़क दुर्घटना की सूचना देकर हाजीपुर बुलाया गया। अस्पताल पहुंचने पर परिवार ने शव की पहचान भानु कुमार के रूप में की।
पिता ने जताई साजिश की आशंका
मृतक के पिता मुरारी शर्मा ने पुलिस को बताया कि परीक्षा के दौरान भानु का कुछ युवकों से झगड़ा हुआ था। उन्होंने आशंका जताई कि उसी विवाद के चलते साजिश रचकर उसकी हत्या की गई हो सकती है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस की जांच जारी
सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि युवक का शव महात्मा गांधी सेतु के समीप गोली लगे हालात में कार से बरामद हुआ था। सिम कार्ड के माध्यम से पहचान की पुष्टि की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें व्यक्तिगत विवाद और अन्य कोण शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल परिजनों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। मामले ने स्थानीय स्तर पर चिंता पैदा की है, वहीं पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।