झारखण्ड

WitchHuntingCase – डायन बताकर परिवार को जिंदा जलाया

WitchHuntingCase – झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। चाईबासा के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के कुदासाई-कलाइया गांव में एक महिला को डायन बताकर उसके परिवार पर हमला किया गया। आरोप है कि हमलावरों ने पेट्रोल छिड़ककर पति-पत्नी और उनके बच्चे को आग लगा दी। इस हमले में महिला और उसका मासूम बच्चा गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौत हो गई, जबकि पति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

बुधवार को सामने आई वारदात

पुलिस के मुताबिक, बुधवार को सूचना मिली कि गांव में अंधविश्वास के आधार पर एक परिवार को निशाना बनाया गया है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जगन्नाथपुर के नेतृत्व में टीम तुरंत घटनास्थल पहुंची और हालात का जायजा लिया।

पुलिस ने मौके से शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई और मामले की विस्तृत जांच आरंभ की। प्रारंभिक जांच में घटना को सुनियोजित हमला बताया जा रहा है।

घायल के बयान पर दर्ज हुआ मामला

घटना में घायल कोल्हान सिंकू (40) के बयान के आधार पर कुमारडुंगी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज किया है।

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। अंधविश्वास के नाम पर हिंसा को रोकने के लिए कड़े प्रावधान पहले से मौजूद हैं और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जाएगी।

चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों—रसिका उर्फ चेचे बिरुवा, जेना बिरुवा, सोना बिरुवा और डेलका सिंकू—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी उसी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा 2-3 अन्य महिलाओं के भी इस घटना में शामिल होने की आशंका है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

घटनास्थल से बरामद हुआ पेट्रोल डिब्बा

जांच के दौरान घटनास्थल से पांच लीटर का एक सफेद प्लास्टिक डिब्बा बरामद हुआ, जिसमें पेट्रोल के अवशेष पाए गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, रांची की टीम को भी जांच में शामिल किया गया है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपियों के खिलाफ मजबूत प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकें।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास जैसी कुप्रथाओं से दूर रहें और किसी भी संदेह की स्थिति में कानून का सहारा लें।

यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावहता को सामने लाती है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।

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