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Aadhaar App: नया अपडेट फेस ऑथेंटिकेशन से सुरक्षा को मजबूत करता है

Aadhaar App:  आधार जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने अपने आधिकारिक मोबाइल एप का नया संस्करण जारी करते हुए डिजिटल पहचान के इस्तेमाल को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बना दिया है। नए डिज़ाइन में नेविगेशन को सरल बनाया गया है, जिसके कारण कई पुराने विकल्प अब “सर्विस” टैब के भीतर व्यवस्थित रूप से रखे गए हैं। इस बदलाव के साथ ही फेस ऑथेंटिकेशन को केंद्रीय भूमिका दी गई है, ताकि धोखाधड़ी की आशंकाओं को कम किया जा सके और उपयोगकर्ताओं को तेज़, भरोसेमंद अनुभव मिले।

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Aadhaar App – नया अपडेट फेस ऑथेंटिकेशन से सुरक्षा

पंजीकरण प्रक्रिया में क्या बदला

नए इंटरफेस के बावजूद एप में रजिस्ट्रेशन की मूल प्रक्रिया पहले जैसी ही रखी गई है, ताकि मौजूदा और नए दोनों तरह के उपयोगकर्ताओं को दिक्कत न हो। एप डाउनलोड करने के बाद व्यक्ति को अपना आधार नंबर दर्ज करना होता है, फिर पंजीकृत मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन किया जाता है। इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान की पुष्टि होती है और अंत में एक सुरक्षित पिन सेट करना होता है। यह पूरा चरण पूरा होते ही यूजर एप की सभी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकता है।

मोबाइल नंबर अपडेट अब नए सेक्शन में

पहले जो विकल्प होम स्क्रीन पर दिखाई देते थे, उन्हें अब व्यवस्थित रूप से सर्विस टैब में रखा गया है। मोबाइल नंबर बदलने के लिए यूजर को इसी टैब में जाकर नया नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद ओटीपी वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अनुरोध प्रमाणित किया जाता है। यूआईडीएआई इस अपडेट को प्रोसेस करने में लगभग दो सप्ताह का समय लेती है और इसके लिए 75 रुपये का शुल्क निर्धारित है।

पता बदलने की सुविधा कैसे काम करती है

पता अपडेट करने का विकल्प भी सर्विस टैब में ही उपलब्ध कराया गया है। यूजर अपनी सुविधा के अनुसार दो तरीकों में से किसी एक को चुन सकता है। पहला तरीका दस्तावेज़ आधारित है, जिसमें बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट या अन्य मान्य प्रमाण अपलोड किए जा सकते हैं। दूसरा तरीका परिवार आधारित है, जिसमें परिवार के किसी सदस्य के आधार का इस्तेमाल कर पता बदला जा सकता है। दोनों ही मामलों में फेस ऑथेंटिकेशन और ऑनलाइन भुगतान के बाद अनुरोध आधिकारिक रूप से यूआईडीएआई को भेज दिया जाता है।

परिवार के सदस्य के आधार से एड्रेस अपडेट

अगर कोई व्यक्ति अपने परिवार के सदस्य के पते को अपने आधार में जोड़ना चाहता है, तो उसे संबंधित सदस्य का आधार नंबर देना होगा। इसके बाद ऐप उसी सदस्य की पहचान से जोड़कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। फेस ऑथेंटिकेशन और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद अपडेट रिक्वेस्ट फाइनल कर दी जाती है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहती है।

बायोमेट्रिक डेटा लॉक करने का नया विकल्प

नए अपडेट में सुरक्षा के लिहाज से सबसे अहम फीचर बायोमेट्रिक लॉक को और अधिक सरल बना दिया गया है। अब यह विकल्प होम पेज पर ही QR कोड के ठीक नीचे “Biometrics Unlocked” के रूप में दिखाई देता है। यूजर सिर्फ एक टैप से अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस डेटा को लॉक कर सकता है। इससे किसी भी तरह की अनधिकृत एक्सेस, क्लोनिंग या पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाती है।

नए आधार एप का यह अपडेट तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित होने के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी इस्तेमाल में आसान बनाया गया है। यूआईडीएआई का उद्देश्य डिजिटल पहचान प्रणाली को मजबूत करना और उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि आधार से जुड़े लेन-देन और सेवाएं बिना जोखिम के पूरी की जा सकें।

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