Kiran Rijiju Lucknow Visit 2026: लखनऊ में किरेन रिजिजू ने खोला ‘VB G-RAM-G’ का पिटारा, अब गांव-गांव बरसेगी खुशहाली…
Kiran Rijiju Lucknow Visit 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज एक बड़े राजनीतिक और विकासोन्मुख कार्यक्रम की गवाह बन रही है। मनरेगा के नए और उन्नत स्वरूप ‘वीबी-जीरामजी’ (विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू विशेष रूप से लखनऊ पहुंचे हैं। उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि (Rural Development Schemes in India) के माध्यम से देश के सुदूर गांवों तक समृद्धि पहुँचाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्य संकल्प है। रिजिजू का यह दौरा न केवल प्रशासनिक है, बल्कि इसके गहरे सामाजिक और राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।

गांव की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि VB G-RAM-G योजना कोई सामान्य सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा करने का एक सशक्त माध्यम है। लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य (Empowering Rural Communities) के विजन को अमली जामा पहनाना है। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प लिया है कि भारत का हर ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। इसी सिलसिले में आज अल्पसंख्यक समुदाय के प्रबुद्ध लोगों और प्रतिनिधियों के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, ताकि विकास की धारा में सबको साथ लिया जा सके।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मचेगी योजनाओं की धूम
लखनऊ का इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान आज वीबी-जीरामजी योजना के रणनीतिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में किरेन रिजिजू जनता और मीडिया को बताएंगे कि कैसे (MNREGA Transformation Strategy) के तहत पुरानी कमियों को दूर कर एक नया ढांचा तैयार किया गया है। लोगों के मन में इस बात को लेकर काफी जिज्ञासा है कि आखिर मनरेगा से इस नई योजना में क्या बड़े बदलाव आने वाले हैं। रिजिजू का संबोधन इन्हीं तकनीकी और व्यावहारिक अंतरों को स्पष्ट करने पर केंद्रित रहेगा, जिससे ग्रामीणों को सीधे तौर पर रोजगार की गारंटी मिल सके।
भाजपा का संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन और बैठक
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आज केवल सरकारी योजनाओं पर ही चर्चा नहीं हो रही, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की एक बड़ी संगठनात्मक बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की प्रभावशाली उपस्थिति रहेगी। (Political Strategy for Rural Outreach) के लिहाज से यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे कैसे केंद्र की इन लाभकारी योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाएं।
अल्पसंख्यक समुदाय के साथ संवाद की नई पहल
किरेन रिजिजू ने अपने बयान में विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के साथ होने वाली बैठक का जिक्र किया। सरकार का मानना है कि (Inclusive Growth Models) के बिना विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा है। इस बैठक के जरिए सरकार अल्पसंख्यकों के मन में विकास को लेकर विश्वास पैदा करना चाहती है और उन्हें वीबी-जीरामजी जैसी योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करना चाहती है। रिजिजू ने संकेत दिया कि आने वाले समय में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कई विशेष क्लस्टर बनाए जाएंगे जो स्थानीय कला और कौशल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाएंगे।
मनरेगा से वीबी-जीरामजी तक का सफर
आम लोगों के बीच यह सवाल सबसे बड़ा है कि आखिर इस नई योजना में रोजगार की क्या अतिरिक्त गारंटी मिलेगी। विभागीय जानकारों की मानें तो (Livelihood Mission Rural) का यह नया संस्करण केवल मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कौशल विकास और उद्यमिता को भी जोड़ा गया है। रिजिजू ने लखनऊ की धरती से यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब गांव का युवा काम की तलाश में शहर की ओर पलायन नहीं करेगा, बल्कि उसे उसके घर के पास ही सम्मानजनक आजीविका प्राप्त होगी।
विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि
प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के नारे को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। रिजिजू ने कहा कि (Sustainable Development Goals 2026) को प्राप्त करने के लिए ग्रामीण अवसंरचना में भारी निवेश किया जा रहा है। VB G-RAM-G योजना इसी निवेश का एक हिस्सा है जो सीधे तौर पर कृषि और ग्रामीण उद्योगों को मजबूती प्रदान करेगी। लखनऊ के जुपिटर हॉल से निकलने वाला यह संदेश आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति और ग्रामीण परिदृश्य में बड़े बदलाव ला सकता है।
संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनौतियां
बैठक में मौजूद पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। पार्टी का मानना है कि (Grassroots Political Mobilization) ही वह तरीका है जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुँच सकता है। किरेन रिजिजू का यह लखनऊ दौरा इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार आगामी समय के लिए ग्रामीण भारत को अपनी रणनीति के केंद्र में रख रही है। अब देखना यह होगा कि मनरेगा का यह बदला हुआ स्वरूप ग्रामीण जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरता है।