UP Winter Weather Update 2026: कांपती हड्डियां और जमती सांसें, जानें यूपी को इस जानलेवा सर्दी से कब मिलेगी राहत…
UP Winter Weather Update 2026: उत्तर प्रदेश के शहरों और गांवों में इन दिनों कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। प्रचंड सर्दी और गलन ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे हर कोई बेहाल है। सुबह के वक्त (Extreme Winter in Uttar Pradesh) का आलम यह है कि सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और केवल दफ्तर जाने वाले लोग ही कोहरे की चादर को चीरते हुए आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। इस कड़ाके की ठंड ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर दी है, जिससे सामान्य दिनचर्या पर बुरा असर पड़ा है।

32 जिलों में ‘कोल्ड डे’ का हाई अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 32 जिलों के लिए बृहस्पतिवार को गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें ‘शीत दिवस’ यानी कोल्ड डे जैसे हालात रहने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार (Cold Day Alert by IMD) इन इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रह सकता है, जिससे गलन और भी बढ़ेगी। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है और प्रशासन ने लोगों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है। यह चेतावनी दर्शाती है कि आने वाले कुछ घंटे प्रदेशवासियों के लिए अग्निपरीक्षा जैसे हो सकते हैं।
अयोध्या और आजमगढ़ में जमा देने वाला तापमान
बीते बुधवार को उत्तर प्रदेश के दो जिले—अयोध्या और आजमगढ़—सर्दी के मामले में सबसे आगे रहे। यहाँ का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे (Record Minimum Temperature in UP) ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ बिजली की सीमित उपलब्धता के कारण लोग पूरी तरह अलाव के भरोसे ही अपनी रातें काट रहे हैं। धूप निकलती तो है, लेकिन बर्फीली हवाओं के सामने उसकी गर्माहट पूरी तरह बेअसर साबित हो रही है।
अलाव का सहारा और गलन से जूझता ग्रामीण जीवन
शहरों की तुलना में उत्तर प्रदेश के देहाती इलाकों में सर्दी का असर कहीं ज्यादा तीखा महसूस किया जा रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान और ग्रामीण इलाकों के (Rural Life During Cold Wave) लोग सुबह से शाम तक अलाव के इर्द-गिर्द सिमटे रहते हैं। हालांकि बीते दो दिनों में दोपहर के वक्त सूरज ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, लेकिन पछुआ हवाओं ने गलन को कम नहीं होने दिया। अलाव की राख ठंडी होते ही एक बार फिर हड्डियां कंपाने वाली ठंड लोगों को घेर लेती है।
तीन दिनों तक राहत की उम्मीद और आंशिक सुधार
लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने एक राहत भरी खबर भी साझा की है। उन्होंने बताया कि 9 से 11 जनवरी के बीच (Weather Relief Forecast for UP) प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कोहरे और ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में मामूली बढ़ोत्तरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को आंशिक सुकून मिलेगा। कोहरे का घनत्व भी कम होने के आसार हैं, जिससे यातायात की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई गई है।
12 जनवरी से दोबारा शुरू होगा सर्दी का दूसरा राउंड
मौसम विभाग की मानें तो राहत का यह दौर बहुत छोटा होने वाला है क्योंकि 12 जनवरी से मौसम एक बार फिर करवट लेगा। जैसे ही राहत (Sudden Temperature Drop Predictions) के तीन दिन बीतेंगे, पारा दोबारा गिरना शुरू हो जाएगा और उत्तर प्रदेश को एक बार फिर शीतलहर अपनी चपेट में ले लेगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि जनवरी के दूसरे पखवाड़े में सर्दी का यह दूसरा दौर पहले से ज्यादा प्रभावी और लंबा हो सकता है, जिसके लिए तैयारी अभी से जरूरी है।
यूपी के इन शहरों में ‘कोल्ड डे’ का सबसे ज्यादा असर
प्रदेश के जिन इलाकों में शीत दिवस की सबसे ज्यादा संभावना जताई गई है, उनमें पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिले प्रमुख हैं। बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कानपुर नगर, आगरा, मथुरा, बरेली और शाहजहांपुर (Districts Under Cold Wave Influence) जैसे क्षेत्रों में गलन का प्रकोप सबसे अधिक रहेगा। इसके अलावा अलीगढ़, हाथरस, एटा और मुरादाबाद में भी कोहरे और ठंड की दोहरी मार पड़ने वाली है। इन जिलों के निवासियों को अगले 24 घंटों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।
कोहरे का कहर और सड़कों पर घटती दृश्यता
शीत दिवस के साथ-साथ घना कोहरा भी प्रदेश की एक बड़ी समस्या बना हुआ है। मुरादाबाद, रामपुर, संभल और बदायूं जैसे (Dense Fog and Visibility Challenges) इलाकों में कोहरे की वजह से सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने हाईवे पर चलने वाले वाहनों के लिए फॉग लाइट का इस्तेमाल अनिवार्य करने और गति पर नियंत्रण रखने की अपील की है। जब तक कोहरे का घनत्व कम नहीं होता, तब तक लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए मुसीबतें बनी रहने वाली हैं।



