Mexico Train Derailment Accident: चीखों से गूंजा ओक्साका का जंगल, मेक्सिको में खाई की ओर पलटी तेज रफ्तार ट्रेन
Mexico Train Derailment Accident: मेक्सिको के दक्षिणी राज्य ओक्साका में एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। सलीना क्रूज से कोट्जाकोआल्कोस की ओर जा रही एक यात्री ट्रेन अचानक पटरी से उतर गई, जिससे चारों ओर चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे में (Train Passenger Fatality) अब तक कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि 98 लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशांत महासागर और खाड़ी तट को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण रेल लाइन पर हुआ यह हादसा हाल के वर्षों की सबसे बड़ी रेल त्रासदियों में से एक माना जा रहा है।

तेज मोड़ और गहरी खाई के बीच फंसी जिंदगियां
हादसा निजांडा शहर के पास एक बेहद खतरनाक मोड़ पर हुआ, जहाँ ट्रेन अपनी पूरी गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोड़ काटते समय अचानक इंजन पटरी से उतर गया और पीछे के डिब्बे एक गहरी खाई की ओर झुक गए। कुछ कोच तो (Railway Coach Derailment) पूरी तरह पलट गए, जिससे यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ट्रेन में कुल 250 लोग सवार थे, जिनमें 241 यात्री और 9 क्रू मेंबर शामिल थे। आधी रात के वक्त हुए इस हादसे ने बचाव कार्य में भी काफी चुनौतियां पेश कीं, क्योंकि अंधेरे के कारण खाई में फंसे लोगों को निकालना मुश्किल हो रहा था।
मेक्सिकन नेवी और सेना ने संभाला बचाव मोर्चा
हादसे की खबर मिलते ही मेक्सिकन नेवी, जो इस रेलवे का संचालन देखती है, तुरंत एक्शन मोड में आ गई। सेना के जवानों, सिविल प्रोटेक्शन टीमों और मेडिकल यूनिट्स को घटनास्थल पर रवाना किया गया। बचाव दल ने मलबे में फंसे (Emergency Rescue Operation) यात्रियों को कटर और हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से बाहर निकाला। घायलों में से 36 की हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। वर्तमान में 5 यात्री जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं और आईसीयू में भर्ती हैं।
राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने व्यक्त की गहरी संवेदना
इस दुखद घटना के बाद मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से हर संभव (Government Relief Fund) और चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी। ओक्साका के गवर्नर सलोमोन जारा क्रूज ने भी इस हादसे को राज्य के लिए एक काला दिन बताया है। सरकार पर अब इस बात का भारी दबाव है कि वह रेल सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कदम उठाए, क्योंकि यह प्रोजेक्ट देश के आर्थिक विकास का आधार माना जा रहा था।
ब्रेक फेलियर या मानवीय चूक: जांच के घेरे में प्रोजेक्ट
मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में ट्रेन की गति, ब्रेक फेलियर और ट्रैक की खराब स्थिति जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कुछ यात्रियों ने (Technical Fault Investigation) का दावा करते हुए बताया कि दुर्घटना से ठीक पहले ट्रेन की रफ्तार बहुत अधिक थी और ऐसा लग रहा था जैसे पायलट का नियंत्रण खत्म हो गया है। यह ट्रेन पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरोशियनिक कॉरिडोर’ का हिस्सा है, जिसकी सुरक्षा पर अब बड़े सवालिया निशान लग गए हैं।
आर्थिक कॉरिडोर के सपनों पर लगा सुरक्षा का ग्रहण
यह रेल लाइन केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई के लिए भी दक्षिणी मेक्सिको की जीवन रेखा मानी जाती है। आर्थिक विकास को गति देने के लिए शुरू किए गए इस कॉरिडोर पर पहले भी कुछ (Rail Safety Standards) से जुड़ी छोटी घटनाएं हुई थीं, लेकिन पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जनहानि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा इंतजामों और ट्रैक के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसे और भी भयावह हादसे हो सकते हैं। इस घटना ने पूरे प्रोजेक्ट की इंजीनियरिंग और मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भयावह तस्वीरों ने बयां की तबाही की दास्तान
दुर्घटना स्थल से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। डिरेल हुए कोच एक-दूसरे के ऊपर चढ़े हुए और खाई की ढलान पर लटके हुए दिखाई दे रहे हैं। टूटी हुई खिड़कियां और बिखरा हुआ सामान (Accident Site Visuals) उस खौफनाक मंजर की गवाही दे रहे हैं जो यात्रियों ने उस वक्त महसूस किया होगा। बचाव दल के सदस्य मलबे के बीच से लोगों को निकालते हुए और घायलों को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। पूरा इलाका सेना के घेरे में है और फॉरेंसिक टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।
रेल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की मांग
इस हादसे के बाद पूरे मेक्सिको में रेल बुनियादी ढांचे की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। नागरिक संगठनों का कहना है कि विकास की अंधी दौड़ में यात्रियों की जान जोखिम में नहीं डाली जानी चाहिए। जांच दल अब (Public Transport Security) के प्रोटोकॉल की दोबारा जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हादसे को टाला जा सकता था। आने वाले दिनों में ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरणों की जांच से और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है, जो मेक्सिको की रेल यात्रा के भविष्य को तय करेंगे।



