RJD Political Crisis Bihar: बिहार की सियासत में बिखर रहा है राजद का कुनबा, दिग्गजों ने छोड़ा साथ
RJD Political Crisis Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर एक बड़े संकट को जन्म दे दिया है। चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी के अंदर मची कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। एक तरफ जहां पार्टी के भविष्य (Tejashwi Yadav Foreign Trip) को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के पुराने और वफादार नेता एक-एक कर किनारा कर रहे हैं। नेतृत्व की कार्यशैली और पार्टी की विचारधारा में आए बदलावों को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच भारी असंतोष देखा जा रहा है, जिससे पार्टी की नींव हिलती नजर आ रही है।

पूर्व डीजी अशोक गुप्ता का इस्तीफा और ‘A to Z’ पर प्रहार
राजद को सबसे ताजा और बड़ा झटका तब लगा जब पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने पार्टी के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र (RJD Leadership Conflict) का हवाला देते हुए प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को भेज दिया है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान की परंपरा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उन्होंने ‘A to Z’ के नारे को केवल एक दिखावा करार देते हुए कहा कि टिकट वितरण के समय सामाजिक न्याय के सभी सिद्धांतों को दरकिनार कर दिया गया।
लालू और तेजस्वी की अनुपस्थिति से कार्यकर्ताओं में मायूसी
पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच शीर्ष नेतृत्व की गैर-मौजूदगी ने आग में घी डालने का काम किया है। लालू प्रसाद यादव जहां स्वास्थ्य कारणों और अन्य वजहों से दिल्ली में हैं, वहीं तेजस्वी यादव भी विदेश यात्रा पर हैं। नेतृत्व के इस (Political Leadership Absence) ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को अधर में छोड़ दिया है। अनुभवी नेताओं का मानना है कि संकट के समय जब नेताओं को सड़क पर उतरकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना चाहिए था, तब उनकी अनुपस्थिति ने असंतोष को और अधिक गहरा कर दिया है।
विजय कृष्ण के बाद अशोक गुप्ता के जाने से बदली समीकरण
अशोक गुप्ता से पहले राजद के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्ण ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया था। विजय कृष्ण जैसे पुराने साथियों का साथ छोड़ना यह दर्शाता है कि (Party Resignation Bihar) का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। अशोक गुप्ता ने अपने अगले कदम का खुलासा फिलहाल नहीं किया है, लेकिन उन्होंने ‘खरमास’ के बाद फैसला लेने की बात कहकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि वे जल्द ही किसी अन्य बड़े राजनीतिक दल का दामन थाम सकते हैं।



