FishingBoat – श्रीलंका के जलक्षेत्र में भारतीय ट्रॉलर दुर्घटनाग्रस्त, 11 मछुआरों के लिए बचाव अभियान
FishingBoat – श्रीलंका के उत्तरी समुद्री क्षेत्र में 11 भारतीय मछुआरों को लेकर जा रहा एक भारतीय ट्रॉलर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद श्रीलंका नौसेना ने तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ट्रॉलर डेल्फ्ट द्वीप के निकट समुद्री चट्टानों से टकराकर फंस गया। प्रारंभिक जानकारी में किसी भी मछुआरे के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।

डेल्फ्ट द्वीप के पास हुआ हादसा
श्रीलंका नौसेना के मुताबिक, यह घटना पाल्क जलडमरूमध्य में स्थित डेल्फ्ट द्वीप (नेदुन्थीवु) के निकट हुई। नौसेना का दावा है कि भारतीय ट्रॉलर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार कर श्रीलंकाई जलक्षेत्र में पहुंच गया था और वहां बॉटम ट्रॉलिंग कर रहा था। इसी दौरान ट्रॉलर समुद्र में मौजूद चट्टानों से टकरा गया और आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।
ट्रॉलर को पहुंचा आंशिक नुकसान
आधिकारिक बयान के अनुसार, दुर्घटना में ट्रॉलर के ढांचे को कुछ नुकसान पहुंचा है। हालांकि, नौसेना ने कहा है कि ट्रॉलर पर सवार सभी 11 मछुआरे सुरक्षित बताए गए हैं और किसी के भी जीवन को तत्काल खतरा नहीं है। हादसे के बाद स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राहत और बचाव अभियान जारी
घटना की जानकारी मिलते ही श्रीलंका नौसेना ने बचाव दल को मौके पर भेजा। अधिकारियों के अनुसार, ट्रॉलर पर मौजूद मछुआरों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। नौसेना ने यह भी कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित समुद्री कानूनों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
पाल्क जलडमरूमध्य में अक्सर सामने आते हैं ऐसे मामले
भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पाल्क जलडमरूमध्य लंबे समय से दोनों देशों के मछुआरों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र रहा है। समुद्री संसाधनों से समृद्ध होने के कारण यहां बड़ी संख्या में मछुआरे मछली पकड़ने पहुंचते हैं। कई बार समुद्री सीमा पार करने या सीमा को लेकर विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिसके चलते मछुआरों की गिरफ्तारी और नौकाओं की जब्ती जैसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।
संवेदनशील बना रहता है समुद्री सीमा का मुद्दा
भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से द्विपक्षीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे हैं। दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा निर्धारित होने के बावजूद कई बार अनजाने में नौकाएं दूसरे देश के जलक्षेत्र में पहुंच जाती हैं। ऐसे मामलों को लेकर समय-समय पर राजनयिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बातचीत होती रही है।