Nutrition – शरीर के इन संकेतों से जुड़ी हो सकती है बार-बार होने वाली फूड क्रेविंग
Nutrition– अचानक मीठा, नमकीन, चॉकलेट या तला-भुना भोजन खाने की तीव्र इच्छा होना आम अनुभव है। अधिकांश लोग इसे केवल स्वाद या आदत का हिस्सा मानते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में बार-बार होने वाली फूड क्रेविंग शरीर में पोषक तत्वों की कमी या जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। हालांकि हर बार ऐसा होना किसी बीमारी या कमी का प्रमाण नहीं माना जाता, इसलिए इसके पीछे की वजह को समझना जरूरी है।

मीठा खाने की इच्छा क्यों बढ़ती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार मीठा खाने का मन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। पर्याप्त भोजन न करना, शरीर में ऊर्जा की कमी, लगातार तनाव या पर्याप्त नींद न मिलना इसकी प्रमुख वजहों में शामिल हैं। कुछ शोधों में मैग्नीशियम की कमी को भी मीठा या चॉकलेट खाने की इच्छा से जोड़ा गया है। हालांकि केवल मीठा खाने की इच्छा के आधार पर किसी पोषक तत्व की कमी का निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जाता।
नमकीन और चॉकलेट की क्रेविंग के संभावित कारण
यदि किसी व्यक्ति को बार-बार नमकीन स्नैक्स या चिप्स खाने का मन करता है, तो इसके पीछे शरीर में पानी की कमी, अधिक पसीना आने से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या केवल स्वाद की आदत जिम्मेदार हो सकती है। वहीं चॉकलेट खाने की इच्छा अक्सर मानसिक तनाव, थकान और मूड में बदलाव से जुड़ी देखी जाती है। कुछ अध्ययनों में इसे मैग्नीशियम के स्तर से भी जोड़ा गया है, लेकिन इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता बताई जाती है।
बर्फ चबाने की आदत को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बर्फ चबाने की इच्छा होती है, तो यह सामान्य आदत नहीं भी हो सकती। कई मामलों में इसे आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का संभावित संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना अधिक उचित रहता है, ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके।
जंक फूड की बढ़ती चाह के पीछे क्या वजह हो सकती है?
तला-भुना या प्रोसेस्ड फूड बार-बार खाने की इच्छा का संबंध अक्सर अनियमित दिनचर्या से जोड़ा जाता है। पर्याप्त नींद न लेना, लगातार तनाव में रहना और लंबे समय से असंतुलित खानपान की आदतें ऐसी क्रेविंग को बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि हर बार इसके पीछे किसी विटामिन या मिनरल की कमी होना जरूरी नहीं होता, इसलिए जीवनशैली में सुधार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
क्रेविंग को नियंत्रित करने के लिए अपनाएं ये आदतें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित और पोषक आहार लेने, पर्याप्त पानी पीने, रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करने और भोजन में प्रोटीन व फाइबर शामिल करने से अनावश्यक फूड क्रेविंग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, योग या तनाव कम करने वाली गतिविधियां भी इसमें मददगार साबित हो सकती हैं। यदि किसी विशेष खाद्य पदार्थ को खाने की इच्छा लंबे समय तक लगातार बनी रहे या उसके साथ अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।