UPBudget – सदन में पेश हुआ उत्तर प्रदेश का 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट
UPBudget – उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया है। सरकार के अनुसार, इस अतिरिक्त बजट में 11,240.97 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त होंगे। शेष 47,778.57 करोड़ रुपये का वित्तीय भार राज्य की समेकित निधि से वहन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस राशि की व्यवस्था कर और गैर-कर राजस्व के निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने तथा गैर-जरूरी खर्चों में कटौती के जरिए की जाएगी।

औद्योगिक विकास और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए राजस्व मद में 1,303.01 करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत मद में लगभग 20,905.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के लिए भी अलग से बजटीय व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मुद्रण और लेखन सामग्री से जुड़े पूंजीगत कार्यों के लिए भी धन आवंटित किया गया है।
ग्रामीण विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मिला बड़ा आवंटन
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग को लगभग 14,184.72 करोड़ रुपये का पूंजीगत आवंटन दिया गया है। इसके साथ ही राजस्व मद में भी अलग से धनराशि रखी गई है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए राजस्व और पूंजीगत मद को मिलाकर उल्लेखनीय राशि का प्रावधान किया गया है, ताकि बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। पंचायती राज विभाग को भी स्थानीय विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया गया है।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर भी फोकस
सरकार ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया है। कृषि विभाग को विकास कार्यों के लिए राजस्व और पूंजीगत दोनों मदों में धनराशि दी गई है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, दुग्ध विकास और मत्स्य विभागों के लिए भी अलग-अलग बजटीय प्रावधान किए गए हैं। भूमि विकास और जल संसाधन से जुड़े कार्यों के लिए भी अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की तैयारी
अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। एलोपैथिक चिकित्सा सेवाओं के लिए सबसे अधिक आवंटन किया गया है, जबकि परिवार कल्याण और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त राशि निर्धारित की गई है। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा के विकास के लिए भी पूंजीगत बजट का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सेवा गुणवत्ता में सुधार करना बताया गया है।
शिक्षा और तकनीकी संस्थानों को मिलेगा लाभ
शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 521.14 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के लिए 351.25 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के लिए 74.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और संस्कृति विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए भी अलग-अलग धनराशि निर्धारित की गई है। सरकार का कहना है कि इन प्रावधानों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है।