FoodSafety – बॉम्बे हाई कोर्ट ने होटल का लाइसेंस बहाल करने का दिया आदेश
FoodSafety– बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की उस कार्रवाई पर रोक लगा दी है, जिसके तहत नवी मुंबई स्थित एक चार सितारा होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित किया गया था। अदालत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन किसी कार्रवाई का निर्णय पूरे निरीक्षण की तस्वीर को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। केवल एक सीमित आधार पर कठोर कदम उठाना हर मामले में उचित नहीं माना जा सकता।

निरीक्षण रिपोर्ट पर अदालत की टिप्पणी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि होटल के निरीक्षण में अधिकांश मानकों का पालन संतोषजनक पाया गया था। अदालत के अनुसार, रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी बताती है कि स्वच्छता, रखरखाव और संचालन से जुड़े कई पहलुओं पर अनुपालन अच्छा था। ऐसे में केवल रसोई क्षेत्र में दो छोटे कीड़ों की मौजूदगी के आधार पर लाइसेंस का निलंबन अनुपातहीन कार्रवाई माना जा सकता है।
होटल ने फैसले को दी थी चुनौती
एफडीए ने 3 जुलाई को अचानक किए गए निरीक्षण के बाद होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस निलंबित कर दिया था। विभाग ने स्वच्छता, खाद्य भंडारण और भोजन प्रबंधन से जुड़े नियमों में कमियों का हवाला दिया था। इसके बाद होटल प्रबंधन ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए कहा कि उसके खिलाफ की गई कार्रवाई अत्यधिक कठोर है। होटल की ओर से यह भी बताया गया कि निरीक्षण में उसे 95 प्रतिशत अनुपालन अंक मिले थे और अधिकांश मानकों का पालन किया गया था।
एफडीए ने सुरक्षा मानकों पर रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान एफडीए की ओर से सरकारी वकील नेहा भिडे ने अदालत को बताया कि खाद्य सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती। उनका कहना था कि चाहे एक कीड़ा मिले या अधिक, यह खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है और नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए। उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित कानून के तहत विभागीय आदेश के खिलाफ वैधानिक अपील का प्रावधान उपलब्ध है।
अदालत ने उठाए व्यापक सवाल
पीठ ने यह भी पूछा कि क्या हर ऐसे मामले में सीधे लाइसेंस निलंबित करना उचित होगा, जबकि संबंधित प्रतिष्ठान अन्य सभी प्रमुख मानकों का पालन कर रहा हो। सुनवाई के दौरान अदालत ने हल्के अंदाज में यह भी उल्लेख किया कि सार्वजनिक स्थानों पर कभी-कभी इस तरह की स्थितियां देखने को मिल सकती हैं, इसलिए प्रशासन को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सभी संस्थानों में समान रूप से सुनिश्चित किया जा रहा है या नहीं।
लाइसेंस बहाल करने और निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश
हाई कोर्ट ने एफडीए का निलंबन आदेश रद्द करते हुए होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया, ताकि वह दोबारा अपनी खाद्य सेवाएं शुरू कर सके। साथ ही अदालत ने एफडीए को मंत्रालयों, उच्च न्यायालय की कैंटीनों तथा अन्य सरकारी और अर्ध-सरकारी भोजनालयों का भी निरीक्षण करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इन निरीक्षणों की वीडियो रिकॉर्डिंग और विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत की जाए। सरकारी पक्ष ने बताया कि विभिन्न सरकारी संस्थानों और प्रमुख क्लबों की कैंटीनों का भी निरीक्षण किया गया है तथा नियमों के उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई है। मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें राज्यभर में किए गए निरीक्षणों का ब्यौरा अदालत के समक्ष रखा जाएगा।