बिहार

Shayari – समस्तीपुर के युवा शायर की नज़्म बनी छात्र आंदोलन की चर्चित आवाज

Shayari– बिहार के समस्तीपुर जिले के युवा शायर अक्स समस्तीपुरी की एक नज़्म इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब पांच वर्ष पहले लिखी गई उनकी रचना की पंक्तियां हाल के छात्र आंदोलनों के दौरान व्यापक रूप से सुनाई दीं। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित छात्र आंदोलनों तक यह नज़्म लगातार सोशल मीडिया, सार्वजनिक सभाओं और विभिन्न मंचों पर साझा की गई। इसी के साथ अक्स समस्तीपुरी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

आंदोलन के दौरान तेजी से लोकप्रिय हुई रचना

समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड के नरहन गांव निवासी अक्स समस्तीपुरी की नज़्म “हकों की ये हिफाजत जानती हैं, नई नस्लें बगावत जानती हैं…” आंदोलनकारी छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रही। छात्र संगठनों ने इसे अपने पोस्टरों, भाषणों और सोशल मीडिया पोस्ट में जगह दी। धीरे-धीरे यह रचना आंदोलन की भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाले प्रमुख साहित्यिक प्रतीकों में शामिल हो गई। विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसके व्यापक प्रसार के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसके रचनाकार के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।

राजनीतिक और मीडिया मंचों तक पहुंची नज़्म

इस नज़्म को कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी साझा किया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। समाजवादी पार्टी के विधायक इंजीनियर सचिन यादव, राष्ट्रीय जनता दल के विधायक मोहम्मद इजरायल मंसूरी और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी विभिन्न समाचार चैनलों की चर्चाओं में इन पंक्तियों का उल्लेख किया। राजस्थान कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर भी यह नज़्म साझा की गई, जिसके बाद इसकी पहुंच और अधिक बढ़ गई।

वर्षों पहले लिखी गई रचना को अब मिली नई पहचान

अक्स समस्तीपुरी ने यह नज़्म लगभग पांच वर्ष पहले लिखी थी। साहित्यिक आयोजनों में उनकी पहचान पहले से रही है, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद उनकी यह रचना व्यापक जनचर्चा का हिस्सा बन गई। छात्र आंदोलन के दौरान जब यह नज़्म लगातार विभिन्न मंचों पर सुनाई देने लगी, तब लोगों को पता चला कि इसके रचनाकार बिहार के समस्तीपुर जिले से हैं। इसके बाद देशभर से उन्हें शुभकामनाएं और सराहना मिलने लगी।

साहित्यिक मंचों पर पहले से सक्रिय हैं अक्स समस्तीपुरी

अक्स समस्तीपुरी कई कवि सम्मेलनों, मुशायरों और साहित्यिक आयोजनों में अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर चुके हैं। उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित शायरों और साहित्यकारों के साथ मंच साझा किया है। साहित्यिक जगत में उनकी सक्रिय उपस्थिति पहले से रही है, लेकिन इस नज़्म ने उन्हें आम पाठकों और युवाओं के बीच भी विशेष पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि पर समस्तीपुर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।

समस्तीपुर से राष्ट्रीय विमर्श तक पहुंची रचनात्मक अभिव्यक्ति

एक छोटे से गांव से निकलकर किसी रचना का राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन जाना अक्स समस्तीपुरी की साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उनकी नज़्म ने यह दिखाया कि प्रभावशाली साहित्य समय आने पर सामाजिक संवाद और जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सकता है। छात्र आंदोलनों के दौरान व्यापक रूप से उद्धृत की गई यह रचना अब केवल साहित्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रही चर्चाओं में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी है।

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