ExtortionCase – मंत्री के बेटे को व्हाट्सएप पर 50 लाख की धमकी, तीन आरोपी गिरफ्तार
ExtortionCase– बिहार के मुजफ्फरपुर में राज्य सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के पुत्र को व्हाट्सएप के जरिए 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। संदेश भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
भाजपा नेता और मंत्री के पुत्र कृष्ण मुरारी कुमार ने सदर थाने में अज्ञात मोबाइल नंबर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई की रात उनके व्हाट्सएप पर एक संदेश आया, जिसमें 50 लाख रुपये की मांग की गई और भुगतान नहीं करने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। मामला सामने आते ही पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और संदिग्ध मोबाइल नंबर के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया।
जांच में तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की जांच के बाद गठित एसआईटी ने चार संदिग्धों की पहचान की। इनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में अमन प्रकाश, पवन सहनी और कन्हाई कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, उनसे पूछताछ जारी है ताकि पूरे नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
एक ही नंबर से कई लोगों को भेजी गई थीं धमकियां
प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि 21 से 24 जुलाई के बीच इसी मोबाइल नंबर से तीन अलग-अलग लोगों से कुल दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इनमें मंत्री के पुत्र कृष्ण मुरारी कुमार के अलावा भाजपा नेता रंजीत सहनी और जिला परिषद सदस्य राजेश सहनी का नाम भी शामिल है। पुलिस इस पूरे मामले को एक संगठित साइबर रंगदारी गिरोह के तौर पर जांच रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकियों के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने जांच जारी रहने की कही बात
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि तीनों मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
पहले भी मिल चुकी थी धमकी
प्राथमिकी में कृष्ण मुरारी कुमार ने यह भी उल्लेख किया है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी, जिसके संबंध में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। ताजा मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और साइबर माध्यम से भेजी गई धमकियों की जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।