KneePain – मौसम बदलने पर क्यों बढ़ने लगता है घुटनों का दर्द, जानिए बचाव के तरीके…
KneePain– मौसम में बदलाव का असर केवल सर्दी, खांसी या एलर्जी तक सीमित नहीं रहता। कई लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और गठिया से प्रभावित मरीजों में, तापमान और नमी में बदलाव के साथ घुटनों में दर्द, अकड़न और सूजन की शिकायत बढ़ सकती है। हालांकि हर व्यक्ति में इसके पीछे एक जैसा कारण नहीं होता, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि मौसम बदलने के दौरान जोड़ों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। समय रहते उचित उपाय अपनाने से इस परेशानी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

मौसम बदलने पर क्यों बढ़ती है परेशानी
चिकित्सकों के अनुसार, तापमान में गिरावट और वातावरण में बढ़ी नमी का असर जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और ऊतकों पर पड़ सकता है। इससे कई लोगों को अकड़न और असहजता महसूस होती है। गठिया से पीड़ित मरीजों में यह समस्या अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकती है। वैज्ञानिक अध्ययनों में इस संबंध में अलग-अलग निष्कर्ष सामने आए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में मरीज मौसम बदलने के दौरान दर्द और जकड़न बढ़ने की बात बताते हैं।
शरीर को गर्म रखना हो सकता है फायदेमंद
ठंडे मौसम में घुटनों को पर्याप्त गर्माहट देना राहत पहुंचाने में मददगार माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आवश्यकता के अनुसार गर्म कपड़े या नी-कैप का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ मामलों में हल्की गर्म सिकाई भी अकड़न कम करने में सहायक हो सकती है। हालांकि यदि सूजन या तेज दर्द हो तो किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है।
नियमित गतिविधि बनाए रखना जरूरी
दर्द होने पर कई लोग पूरी तरह आराम करना शुरू कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से जोड़ों की लचक और कम हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग और डॉक्टर की सलाह के अनुसार किए गए व्यायाम से जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। रोजाना 20 से 30 मिनट की हल्की शारीरिक गतिविधि कई लोगों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
संतुलित वजन और पोषण पर दें ध्यान
घुटनों पर शरीर का पूरा भार पड़ता है, इसलिए अधिक वजन होने पर दर्द बढ़ने की संभावना रहती है। संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए वजन नियंत्रित रखना जोड़ों के लिए लाभदायक माना जाता है। साथ ही हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन D भी महत्वपूर्ण हैं। दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां और पर्याप्त धूप इन पोषक तत्वों की पूर्ति में सहायक हो सकते हैं।
कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह
यदि घुटनों का दर्द लगातार कई दिनों तक बना रहे, सूजन बढ़ जाए, चलने-फिरने में कठिनाई होने लगे या दर्द सामान्य गतिविधियों को प्रभावित करने लगे, तो ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से बचना चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से कई गंभीर समस्याओं की पहचान भी शुरुआती चरण में की जा सकती है और जोड़ों की कार्यक्षमता लंबे समय तक बेहतर बनाए रखी जा सकती है।