स्वास्थ्य

BMI – कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है बढ़ा हुआ बॉडी मास इंडेक्स

BMI- शरीर का बढ़ता वजन केवल दिखावट से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की फिटनेस का आकलन केवल वजन से नहीं किया जाता, बल्कि बॉडी मास इंडेक्स (BMI) को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि यह सामान्य सीमा से ऊपर पहुंच जाता है, तो हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर और कुछ प्रकार के कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए समय-समय पर BMI की जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी माना जाता है।

क्या होता है बॉडी मास इंडेक्स

बॉडी मास इंडेक्स एक ऐसा मानक है, जिसके माध्यम से यह समझा जाता है कि किसी व्यक्ति का वजन उसकी लंबाई के अनुपात में सामान्य है या नहीं। इसकी गणना वजन (किलोग्राम) को लंबाई (मीटर) के वर्ग से भाग देकर की जाती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति का वजन 70 किलोग्राम और लंबाई 1.70 मीटर है, तो उसका BMI लगभग 24.2 होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 18.5 से 24.9 के बीच BMI सामान्य माना जाता है, जबकि 25 से अधिक होने पर अतिरिक्त वजन और 30 या उससे अधिक होने पर मोटापे की श्रेणी में रखा जाता है।

बढ़ा हुआ BMI क्यों माना जाता है जोखिम

चिकित्सकों के अनुसार, अधिक BMI अक्सर शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होने का संकेत देता है। खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी शरीर में सूजन बढ़ाने वाले तत्वों को सक्रिय कर सकती है। इससे रक्तचाप बढ़ने, कोलेस्ट्रॉल असंतुलित होने और धमनियों में रुकावट बनने का जोखिम बढ़ जाता है। समय के साथ यह स्थिति हृदयाघात, स्ट्रोक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका को बढ़ा सकती है।

डायबिटीज और लिवर पर भी पड़ता है असर

विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर में अत्यधिक वसा जमा होने से कोशिकाओं की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता कम हो सकती है। इसका परिणाम रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने के रूप में सामने आता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, अधिक वजन वाले लोगों में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की संभावना भी अधिक होती है। यदि समय रहते इस स्थिति पर ध्यान न दिया जाए, तो लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं।

मोटापे और कैंसर के बीच भी पाया गया संबंध

कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह पाया गया है कि मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में अतिरिक्त वसा लगातार सूजन की स्थिति पैदा कर सकती है और कुछ हार्मोन व इंसुलिन के स्तर को प्रभावित कर सकती है। इससे कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि कैंसर कई कारणों से विकसित हो सकता है, इसलिए केवल BMI के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।

BMI सामान्य रखने के लिए क्या करें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और सक्रिय दिनचर्या को स्वस्थ BMI बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका मानते हैं। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर का व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। भोजन में साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, मौसमी फल और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना लाभदायक माना जाता है। साथ ही पर्याप्त नींद, तनाव पर नियंत्रण और नियमित स्वास्थ्य जांच भी वजन को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि BMI लगातार 25 से ऊपर बना रहे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहता है।

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