StockMarket – इंडिगो और इंफोसिस के नतीजों के बाद शेयरों में आई गिरावट
StockMarket- सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में कुछ प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर उनके शेयरों पर साफ दिखाई दिया। विमानन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडिगो और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस के वित्तीय परिणाम आने के बाद दोनों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इंडिगो ने जून तिमाही में शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि इंफोसिस ने लाभ में वृद्धि के बावजूद पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने राजस्व अनुमान की ऊपरी सीमा कम कर दी। इन घटनाक्रमों के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

इंडिगो के शेयरों पर दिखा तिमाही घाटे का असर
इंटरग्लोब एविएशन, जो इंडिगो का संचालन करती है, के शेयर शुक्रवार को बीएसई और एनएसई दोनों पर करीब 2.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में उसे 2,176.3 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। हालांकि, कंपनी की कुल आय बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये पहुंच गई, लेकिन बढ़ती लागत का असर मुनाफे पर भारी पड़ा।
किन कारणों से बढ़ा कंपनी पर दबाव
कंपनी के अनुसार, विमान ईंधन की ऊंची कीमतें, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में प्रतिकूल बदलाव और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित किया। इन परिस्थितियों के कारण परिचालन लागत बढ़ी और लाभप्रदता पर दबाव बना। कंपनी ने यह भी बताया कि विदेशी मुद्रा प्रभाव को अलग रखने पर घाटा काफी सीमित रहा। देश के घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी अभी भी 66 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है।
इंफोसिस ने दर्ज किया बेहतर मुनाफा
दूसरी ओर, इंफोसिस ने जून तिमाही में 7,769 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.2 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का राजस्व भी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा। डॉलर के आधार पर कंपनी की आय 5,082 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही, जिसमें स्थिर मुद्रा के आधार पर वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके बावजूद निवेशकों की नजर भविष्य के अनुमान पर रही, जिसका असर शेयर कीमत पर दिखाई दिया। बीएसई पर कंपनी का शेयर लगभग 2.7 प्रतिशत और एनएसई पर करीब 2.3 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
वार्षिक अनुमान में बदलाव से बढ़ी बाजार की सतर्कता
इंफोसिस ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने राजस्व वृद्धि अनुमान की ऊपरी सीमा घटाकर 3 प्रतिशत कर दी है। अब कंपनी को 1.5 से 3 प्रतिशत के बीच वृद्धि की उम्मीद है। प्रबंधन ने इसके पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कुछ ग्राहकों के कारोबारी फैसलों से पड़े अस्थायी प्रभाव को प्रमुख कारण बताया। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलील पारेख ने कहा कि एक बड़े ग्राहक से जुड़े निर्णय का असर तिमाही राजस्व पर पड़ा, जबकि समग्र कारोबारी माहौल अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
नेतृत्व परिवर्तन और एआई कारोबार पर भी रही नजर
इंफोसिस ने यह भी घोषणा की कि आशीष कुमार डैश 1 अप्रैल 2027 से मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद संभालेंगे। यह बदलाव वर्तमान सीईओ सलील पारेख का दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद लागू होगा। कंपनी ने बताया कि उसकी कुल तिमाही आय में एआई सेवाओं का योगदान 8.2 प्रतिशत रहा, जो इस क्षेत्र में बढ़ती कारोबारी गतिविधियों का संकेत देता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर कंपनियों की आय के साथ-साथ उनके भविष्य के कारोबारी अनुमान और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी बनी रहेगी।