Exams – एनटीए परीक्षाओं में बड़े सुधार की तैयारी, और सख्त होगी जवाबदेही
Exams – राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में परीक्षा संचालन की व्यवस्था को संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की कार्यप्रणाली के अनुरूप अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों में अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान शामिल किया जा सकता है।

जवाबदेही तय करने पर सरकार का जोर
सूत्रों के मुताबिक, हाल में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का पद से हटाया जाना इसी व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की थी। अब बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के कामकाज की भी विस्तृत समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य अधिकारियों के स्तर पर भी प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।
सुधारों की निगरानी में तैयार हो रहा खाका
सरकारी सूत्रों का कहना है कि नीट-यूजी विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। इस दिशा में इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सुधार समिति की सिफारिशों को आधार बनाया गया है। समिति की रिपोर्ट और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा में अपनाई जाने वाली OSM प्रणाली की भी समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हजारों सुझावों को बनाया गया आधार
जानकारी के अनुसार, सुधार समिति को छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों की ओर से लगभग 37 हजार सुझाव प्राप्त हुए थे। सरकार इन सुझावों का अध्ययन कर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम कर रही है। बताया जा रहा है कि हालिया बैठकों में इस बात पर सहमति बनी है कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर बदलाव किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न्यूनतम रहे।
परीक्षा प्रणाली में तकनीकी बदलाव की तैयारी
प्रस्तावित सुधारों के तहत वर्तमान Computer Based Test (CBT) प्रणाली से आगे बढ़ते हुए भविष्य में Computer Adaptive Testing (CAT) मॉडल अपनाने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रणाली में अभ्यर्थी के उत्तरों के आधार पर अगले प्रश्नों का स्तर निर्धारित होता है, जिससे परीक्षा अधिक वैज्ञानिक और संतुलित मानी जाती है। साथ ही परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और संचालन की जवाबदेही संबंधित जिलों के जिला अधिकारियों (DM) को सौंपने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। परीक्षा केंद्र तय होने के बाद National Informatics Centre (NIC) और NTA की संयुक्त टीमें उनका निरीक्षण करेंगी, ताकि तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पहले से सत्यापन किया जा सके।