ExamPaperLeak – यूटीयू पेपर लीक प्रकरण में दोषी सहायक प्रोफेसर बर्खास्त, तेज हुई एफआईआर की तैयारी
ExamPaperLeak – उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दोषी पाए गए सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद अब विश्वविद्यालय उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है।

संयुक्त जांच में आरोपों की हुई पुष्टि
शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. टीएस सिद्धू ने बताया कि शिकायत सामने आने के तुरंत बाद संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और एहतियात के तौर पर उनका वार्षिक वेतनवृद्धि लाभ भी रोक दिया गया था। इसके बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय की ओर से गठित संयुक्त जांच समिति ने मामले की विस्तार से जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर संस्थान ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।
परीक्षा गोपनीयता पर सख्त रुख
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और गोपनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
यूटीयू की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि पूरे मामले में विधिक विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उन्हें आगामी सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी या गतिविधि में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रश्नपत्र साझा करने का आरोप
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ तथा ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा आयोजित होने से पहले विश्वविद्यालय के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाए थे। इस खुलासे के बाद दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी गईं।
अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा होंगी परीक्षाएं
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रभावित छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों निरस्त परीक्षाओं का पुनः आयोजन अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे प्रकरण में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाएगी।