Student Protest – संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केजरीवाल ने उठाए सवाल
Student Protest– दिल्ली में सोमवार को आयोजित छात्र-युवा प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग उचित नहीं था।

प्रदर्शन का उद्देश्य क्या था
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि यह मार्च सीजेपी के ‘चलो संसद’ आह्वान के तहत आयोजित किया गया था। उनका कहना है कि प्रदर्शन में शामिल छात्र और युवा नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं की इन चिंताओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का अधिकार है।
पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति
आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। उनके मुताबिक, जब मार्च को आगे बढ़ने से रोका गया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है और इससे कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकार से संवेदनशील रुख अपनाने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से अपील की कि युवाओं की मांगों को कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुनना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि इस तरह के मामलों में टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अधिक प्रभावी हो सकता है।