बिज़नेस

EnergySecurity – अमेरिका-इराक समझौते से तेल आपूर्ति के नए रास्तों पर बढ़ा जोर

EnergySecurity – पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और इराक ने लगभग 60 अरब डॉलर के निवेश और सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करना और कच्चे तेल तथा गैस की आपूर्ति के ऐसे वैकल्पिक मार्ग विकसित करना है, जिससे वैश्विक बाजार की निर्भरता होर्मुज जलडमरूमध्य पर कम की जा सके। इस व्यापक पैकेज में ऊर्जा के साथ स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाएं भी शामिल हैं।

होर्मुज के विकल्प पर तेज हुई रणनीतिक तैयारी

दुनिया के समुद्री तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य या राजनीतिक तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डालता है। हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने इस मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी पृष्ठभूमि में अमेरिका और उसके सहयोगी देश ऐसे नए तेल परिवहन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो भविष्य में आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकें।

पाइपलाइन परियोजनाओं में समय और निवेश बड़ी चुनौती

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि वैकल्पिक पाइपलाइन तैयार करना एक लंबी और जटिल प्रक्रिया होगी। निवेश, भूमि अधिग्रहण, अंतरराष्ट्रीय समन्वय और तकनीकी मंजूरियों जैसे कई चरणों से गुजरना पड़ेगा। गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के अनुसार, किसी एक देश के भीतर पाइपलाइन निर्माण में ही करीब ढाई वर्ष का समय लग सकता है, जबकि कई देशों से होकर गुजरने वाली परियोजनाओं को पूरा होने में इससे भी अधिक समय लगना संभव है।

तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत बढ़कर लगभग 88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से पहले यह करीब 67 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रही थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

इराक ने अमेरिकी कंपनियों को निवेश बढ़ाने का दिया संदेश

इराक के प्रधानमंत्री अली फलाह अल जैदी ने अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों से देश में दीर्घकालिक निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इराक केवल परियोजनाएं देने वाला देश नहीं, बल्कि लंबे समय तक रणनीतिक साझेदारी विकसित करने का इच्छुक है। इसी दिशा में अमेरिकी ऊर्जा कंपनी शेवरॉन ने इराक सरकार के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें दो परियोजनाएं तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाने से संबंधित हैं, जबकि तीसरी नई निर्यात पाइपलाइन विकसित करने की योजना पर आधारित है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है व्यापक प्रभाव

प्रस्तावित ऊर्जा गलियारों का उद्देश्य इराक से सीरिया और तुर्किये के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार तक तेल पहुंचाने के नए विकल्प तैयार करना है। यदि ये परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी होती हैं, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और विविधतापूर्ण हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी और किसी एक मार्ग पर संकट आने की स्थिति में भी तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कम रहेगी। गोल्डमैन सैक्स का आकलन है कि वर्ष 2028 तक प्रस्तावित पाइपलाइन नेटवर्क वैश्विक तेल परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.