PM Modi Bengal Visit 2025: आसमान में मंडराया खतरा, जब बंगाल के घने कोहरे ने रोक दी पीएम मोदी की राह
PM Modi Bengal Visit 2025: शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल का तहेरपुर आसमान की धुंध में लिपटा हुआ था। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए तहेरपुर हेलीपैड के ऊपर पहुंचा, तो घने कोहरे ने दृश्यता (Visibility) को शून्य के करीब पहुंचा दिया। सुरक्षा और तकनीकी (PM Security Protocol) मानदंडों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने लैंडिंग न करने का साहसिक निर्णय लिया। काफी देर तक आसमान में मंडराने के बाद, जब मौसम में सुधार नहीं दिखा, तो प्रधानमंत्री का काफिला वापस कोलकाता हवाई अड्डे की ओर मुड़ गया।

कोहरे की चादर ने बिगाड़ा चुनावी और विकास का गणित
तहेरपुर में प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन कुदरत के मिजाज ने (Weather Disruption in Bengal) पूरी योजना पर पानी फेर दिया। सुबह करीब 10:40 बजे पीएम मोदी कोलकाता पहुंचे थे, जहां से उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे तहेरपुर के विशाल जनसभा स्थल पर पहुंचना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता था। अब एयरपोर्ट के सुरक्षित वातावरण से ही प्रधानमंत्री बंगाल की जनता को (Virtual Rally Information) डिजिटल माध्यम से संबोधित करने की तैयारी कर रहे हैं।
बंगाल के विकास को मिलेगी 3200 करोड़ की रफ्तार
भले ही भौतिक रूप से प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाए, लेकिन बंगाल के आर्थिक विकास के लिए (Highway Projects in West Bengal) उनके पिटारे से बड़ी सौगातें निकली हैं। प्रधानमंत्री को आज लगभग 3,200 करोड़ रुपये की दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना था। इन परियोजनाओं में नदिया जिले के बरजागुली-कृष्णानगर सेक्शन का 66.7 किलोमीटर लंबा फोर-लेन मार्ग शामिल है, जो (Economic Growth in Bengal) राज्य के बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती प्रदान करेगा।
उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच बनेगा मजबूत सेतु
इन सड़क परियोजनाओं का महत्व केवल ईंट-पत्थरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की जीवनरेखा (Kolkata Siliguri Connectivity) को जोड़ने का काम करेगी। बारासात-बरजागुली सेक्शन के फोर-लेन का शिलान्यास होने से उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच व्यापारिक दूरियां कम होंगी। अधिकारियों का मानना है कि इस कनेक्टिविटी से (Tourism and Trade Expansion) के नए द्वार खुलेंगे, जिससे स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा और राज्य की जीडीपी में सकारात्मक बदलाव आएगा।
टीएमसी के कुशासन पर प्रधानमंत्री का तीखा प्रहार
दौरे से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की जनता केंद्र की जन-कल्याणकारी योजनाओं (Government Welfare Schemes) का लाभ तो उठा रही है, लेकिन राज्य में व्याप्त कुशासन उनकी प्रगति में बाधक बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने टीएमसी पर लूट और धमकियों की राजनीति (Political Accountability in Bengal) करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब लोगों की उम्मीदें केवल भारतीय जनता पार्टी पर टिकी हैं।
एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूचियों पर मचा घमासान
प्रधानमंत्री का यह दौरा एक ऐसे संवेदनशील समय में हो रहा है जब राज्य में एसआईआर (SIR Process Controversy) की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि यह प्रक्रिया जल्दबाजी में की गई है। इस विवाद के बीच (Voter Rights Protection) का मुद्दा गरमाया हुआ है, क्योंकि ड्राफ्ट रिपोर्ट के अनुसार बंगाल की मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं।
शरणार्थी हिंदुओं के अधिकारों पर छिड़ी सियासी जंग
मतदाता सूची में हुई इस भारी कटौती के बाद अब पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 7.08 करोड़ रह गई है। टीएमसी का तर्क है कि इस प्रक्रिया से (Refugee Hindu Rights) प्रभावित हो रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा सकता है। वहीं, भाजपा इसे पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव (Free and Fair Elections) की दिशा में एक अनिवार्य कदम बता रही है। कोहरे के कारण रुकी यह लैंडिंग आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में क्या नया मोड़ लेती है, यह देखना दिलचस्प होगा।



