DoubleDeckerBus – लखनऊ-अयोध्या रूट पर डबलडेकर सेवा फिलहाल हुई बंद
DoubleDeckerBus – उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने लखनऊ और अयोध्या के बीच संचालित डबलडेकर बस सेवा को फिलहाल बंद कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, किराया प्रतिस्पर्धी होने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद इस सेवा को अपेक्षित संख्या में यात्री नहीं मिल रहे थे। इसकी सबसे बड़ी वजह यात्रा में लगने वाला अधिक समय बताया गया है, जिसके कारण अधिकांश यात्रियों ने अन्य बस सेवाओं को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया।

कम रफ्तार बनी सेवा बंद होने का मुख्य कारण
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डबलडेकर बस की अधिकतम निर्धारित गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा है। मार्ग पर यातायात का दबाव रहने से इसकी औसत रफ्तार लगभग 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा ही रह जाती थी। ऐसे में लखनऊ से अयोध्या की लगभग 140 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन से चार घंटे का समय लग रहा था। इसके विपरीत, साधारण और एसी जनरथ बसें यही सफर करीब दो से ढाई घंटे में पूरा कर रही थीं। समय बचाने की चाह रखने वाले यात्रियों ने धीरे-धीरे डबलडेकर बस से दूरी बना ली।
शुरुआत में मिला अच्छा प्रतिसाद, बाद में घटी संख्या
पिछले वर्ष रोडवेज ने अपने बेड़े को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से आठ डबलडेकर बसें खरीदी थीं। इनमें से एक जोड़ी बसों को अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए इस मार्ग पर चलाया गया था। शुरुआती दिनों में इस नई सेवा को अच्छा प्रतिसाद मिला, लेकिन समय के साथ यात्रियों की संख्या लगातार घटती गई। कम सवारियों के कारण बस संचालन का खर्च निकालना भी चुनौती बन गया, जिसके बाद सेवा को बंद करने का निर्णय लिया गया।
सुविधाओं के बावजूद नहीं बढ़ सकी लोकप्रियता
डबलडेकर बस यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। इसमें वातानुकूलित व्यवस्था, आरामदायक सीटें और बेहतर संतुलन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध थीं। बस में कुल 64 यात्रियों के बैठने की क्षमता है, जिसमें ऊपरी हिस्से में 35 और निचले हिस्से में 29 सीटें हैं। सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं भी बेहतर थीं, लेकिन लंबी यात्रा अवधि ने इन सुविधाओं का प्रभाव कम कर दिया और यात्रियों ने अपेक्षाकृत तेज सेवाओं को चुनना शुरू कर दिया।
नए रूट और स्पीड बढ़ाने पर विचार
रोडवेज अब इन डबलडेकर बसों के बेहतर उपयोग के लिए नए विकल्पों पर मंथन कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बसों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। साथ ही इन्हें 50 से 80 किलोमीटर की दूरी वाले मार्गों पर चलाने की संभावना भी देखी जा रही है, जहां कम दूरी के कारण यात्रा समय अधिक प्रभावित नहीं होगा। वर्तमान में छह डबलडेकर बसें बाराबंकी डिपो में खड़ी हैं और उनके संचालन को लेकर नई योजना तैयार की जा रही है।
अधिकारियों ने दी स्थिति की जानकारी
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर डबलडेकर बसों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा अवधि अधिक होने और यात्रियों की संख्या लगातार कम रहने के कारण सेवा आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं रह गई थी। विभाग अब इन बसों के लिए ऐसे मार्ग तलाश रहा है, जहां उनकी उपयोगिता और यात्री संख्या दोनों बेहतर रह सकें।