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CrimeNews – नवी मुंबई में लापता व्यक्ति हत्याकांड का खुलासा, गिरफ्तार हुए पत्नी और कथित प्रेमी

CrimeNews – महाराष्ट्र के नवी मुंबई में लगभग एक वर्ष पहले लापता हुए 50 वर्षीय व्यक्ति के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों पर हत्या करने, शव के कई टुकड़े करने और उन्हें जंगल के अलग-अलग हिस्सों में फेंककर सबूत मिटाने का आरोप है। यह मामला तब सामने आया जब मृतक के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी को लेकर लगातार संदेह जताया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पूछताछ में सामने आई हत्या की कहानी

राबाले एमआईडीसी पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों से कई चरणों में पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने कथित रूप से हत्या की वारदात और शव को जंगल में ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की। पुलिस अब इस कथित स्वीकारोक्ति से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

विवाहेतर संबंध को बताया जा रहा हत्या का कारण

जांच में सामने आया कि मृतक बलिराम सूर्यनाथ कुशवाहा अपनी पत्नी सुनीता और दो बच्चों के साथ ऐरोली क्षेत्र में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, सुनीता के एक ऑटो रिक्शा चालक राहुल दशरथ प्रजापति से कथित विवाहेतर संबंध थे। अधिकारियों का दावा है कि जब बलिराम को इस संबंध की जानकारी मिली और उन्होंने इसका विरोध किया, तब दोनों आरोपियों ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस इस कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।

वारदात के बाद सबूत मिटाने का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार, 9 अगस्त 2025 की रात बच्चों को पहले एक रिश्तेदार के घर भेजा गया। इसके बाद घर में कथित रूप से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। अधिकारियों का आरोप है कि अपराध के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें बोरियों में भरकर ऑटो रिक्शा से नवी मुंबई स्थित गावली देव पहाड़ी के जंगल तक ले जाया गया। वहां अलग-अलग स्थानों पर अवशेष फेंककर पहचान और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।

भाई के संदेह से खुली पूरे मामले की परत

घटना के बाद महिला अपने बच्चों के साथ घंसोली क्षेत्र में रहने लगी। मामला कई महीनों तक सामने नहीं आया, लेकिन इस वर्ष अप्रैल में मृतक के भाई ने उससे संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, बलिराम के अचानक गायब होने को लेकर मिले जवाबों से उसे संदेह हुआ। इसके बाद उसने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की और मामले की कड़ियां धीरे-धीरे जुड़ती चली गईं।

तकनीकी जांच से मिले अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और संपर्कों की भी पड़ताल की। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने कई बार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदले। इसके बावजूद Call Detail Record (CDR) के विश्लेषण से दोनों के बीच लगातार संपर्क होने के संकेत मिले। पुलिस का कहना है कि इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों ने जांच को नई दिशा दी और मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कई धाराओं में मामला दर्ज, अवशेषों की तलाश जारी

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या), 238 (सबूत नष्ट करना) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि गावली देव जंगल से मृतक के कुछ अवशेष बरामद किए गए हैं, जबकि अन्य अवशेषों की तलाश अभी जारी है। दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मामले की जांच आगे भी जारी है।

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