AssamBudget – हर सब हेल्थ सेंटर में MBBS डॉक्टर तैनात करेगा असम
AssamBudget- असम सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने राज्य के प्रत्येक हेल्थ सब-सेंटर पर कम से कम एक MBBS डॉक्टर की नियुक्ति करने की योजना पेश की है। इस पहल के साथ असम ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और प्रभावी बनाना है।

स्वास्थ्य विभाग में 33 हजार से अधिक नई नियुक्तियां
विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री जयंता मल्ल बरुआ ने बताया कि इस योजना को लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में कुल 33,240 नए पद सृजित किए जाएंगे। इनमें 6,814 MBBS डॉक्टरों के अलावा आयुष चिकित्सक, डेंटल सर्जन, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, एएनएम, रेडियोग्राफर, ड्रेसर तथा प्रशासनिक कर्मचारियों के पद भी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूती मिलेगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा विशेष जोर
नई योजना के तहत प्रत्येक हेल्थ सब-सेंटर पर डॉक्टरों के साथ आवश्यक संख्या में एएनएम और जीएनएम कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुरुआती स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी और गंभीर मरीजों को समय रहते उचित उपचार मिल सकेगा। यह व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मेडिकल कॉलेजों के विस्तार की घोषणा
बजट में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने ग्वालपाड़ा, हैलाकांडी, होजाई और बजाली में चार नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की। वर्तमान में राज्य में 14 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि 10 अन्य निर्माणाधीन हैं। नए संस्थानों के शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 28 हो जाएगी, जिससे प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य की दिशा में प्रगति होगी।
2.85 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश
वित्त मंत्री जयंता मल्ल बरुआ ने अपने पहले बजट में वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा। सरकार ने बजट घाटे को 419 करोड़ रुपये तक सीमित रखने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही राजकोषीय घाटे को राज्य के अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के तीन प्रतिशत के भीतर बनाए रखने की योजना भी प्रस्तुत की गई है।
चाय उत्पादकों और उपभोक्ताओं को राहत
बजट में छोटे चाय उत्पादकों के लिए कृषि आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर वैट 14.5 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की घोषणा की गई है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू ऊर्जा लागत कम होगी और गैस नेटवर्क के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक प्रगति का भी किया उल्लेख
सरकार ने बजट दस्तावेज में बताया कि पिछले एक दशक में असम की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015-16 में जहां प्रति व्यक्ति आय 60,817 रुपये थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1,85,429 रुपये तक पहुंच गई है। सरकार ने इसे राज्य के आर्थिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निवेश का परिणाम बताया है।