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MonsoonAlert – कई राज्यों में भारी बारिश का असर, बाढ़ और भूस्खलन से बढ़ीं मुश्किलें…

MonsoonAlert- देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के साथ कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में बारिश से बढ़ी चुनौतियां

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के कारण कई जिलों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि अलग-अलग घटनाओं में दो लोग घायल हुए हैं। कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात बाधित रहा। सिरमौर और सोलन जिलों में लगातार बारिश के कारण हालात अधिक चुनौतीपूर्ण बताए जा रहे हैं।

उत्तराखंड में कई मार्ग अब भी बंद

उत्तराखंड में भी भारी बारिश का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 118 सड़कें बंद हैं, जबकि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण आवाजाही अभी तक सामान्य नहीं हो सकी है। कई क्षेत्रों में पहाड़ी नालों का जलस्तर बढ़ने से अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। एहतियात के तौर पर देहरादून सहित सात जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। हरिद्वार जिले में एक युवक की नदी में डूबने से मौत की भी सूचना है।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

पूर्वोत्तर में बाढ़ जैसे हालात

पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी लगातार बारिश के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। त्रिपुरा के उनकोटी, खोवाई और धलाई जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए गए हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, बाढ़ जैसी स्थिति के चलते लगभग 11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, जबकि चार हजार से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं।

केरल और महाराष्ट्र में भी असर

केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में खोज और राहत अभियान जारी है। हाल ही में एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या सात तक पहुंच गई है, जबकि एक निर्माण प्रबंधक की तलाश अब भी जारी है। दूसरी ओर महाराष्ट्र के पुणे में मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। भोर घाट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग प्रभावित हुआ है, जिससे कई लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन रद्द करना पड़ा।

कई राज्यों में दर्ज हुई तेज बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के अनेक हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक के कई इलाकों में भी तेज बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा एहतियात

लगातार बदलते मौसम को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं और लोगों से नदी, नालों तथा भूस्खलन संभावित स्थानों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी कुछ दिन कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे, इसलिए सतर्कता बरतना आवश्यक है।

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