बिज़नेस

Revenue – पहली तिमाही में यूपी के राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी, हासिल हुआ लक्ष्य का 73.4 प्रतिशत

Revenue – उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में राजस्व संग्रह को लेकर सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है। सरकार के अनुसार जून 2026 में प्रमुख कर और गैर-कर मदों से कुल 19,551 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1,568 करोड़ रुपये अधिक है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि राज्य ने अप्रैल से जून के बीच निर्धारित राजस्व लक्ष्य का 73.4 प्रतिशत हासिल कर लिया है।

पहली तिमाही के आंकड़े रहे उत्साहजनक

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से जून 2026 के दौरान प्रमुख कर मदों से 60,825.60 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सरकार का कहना है कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यह प्रदर्शन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रहा है। विभिन्न विभागों में राजस्व संग्रह की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि आगामी तिमाहियों में भी संग्रह की गति बनी रहे।

प्रमुख विभागों से मिला बेहतर राजस्व

वित्त मंत्री ने बताया कि पहली तिमाही में राज्य कर के माध्यम से 31,928.64 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। आबकारी विभाग से 15,812.21 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 95.8 प्रतिशत है। वहीं परिवहन विभाग ने 3,667.98 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया और इस श्रेणी में तय लक्ष्य से अधिक, लगभग 100.9 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई।

जून महीने में विभिन्न स्रोतों से हुई आय

जून 2026 के दौरान Goods and Services Tax (GST) से 7,279 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा Value Added Tax (VAT) से 3,197 करोड़ रुपये, आबकारी से 5,174 करोड़ रुपये, परिवहन विभाग से 1,123 करोड़ रुपये और भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग से 428 करोड़ रुपये का संग्रह दर्ज किया गया। सरकार का कहना है कि विभिन्न कर स्रोतों से प्राप्त आय ने कुल राजस्व संग्रह को मजबूती दी है।

स्टांप एवं निबंधन से संग्रह में आई कमी

जहां अधिकांश राजस्व मदों में वृद्धि दर्ज की गई, वहीं स्टांप एवं निबंधन विभाग से प्राप्त आय में कमी देखने को मिली। जून 2026 में इस मद से 2,350 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो जून 2025 की तुलना में 316 करोड़ रुपये कम है। सरकार संबंधित आंकड़ों की समीक्षा कर रही है और राजस्व संग्रह को संतुलित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमों पर भी विचार किया जा रहा है।

आगे भी राजस्व वृद्धि पर रहेगा जोर

राज्य सरकार का कहना है कि वित्तीय अनुशासन और प्रभावी कर संग्रह व्यवस्था के माध्यम से आगामी महीनों में भी राजस्व बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे। विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि वार्षिक लक्ष्य समयबद्ध तरीके से हासिल किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार कर संग्रह में पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.