TerrorList – केंद्र ने 23 संदिग्ध आतंकियों को घोषित किया आतंकी, जारी की अधिसूचना
TerrorList – केंद्र सरकार ने सीमा पार से संचालित कथित आतंकी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए पाकिस्तान में सक्रिय बताए जा रहे 23 व्यक्तियों को आधिकारिक तौर पर आतंकी घोषित किया है। जारी अधिसूचना के अनुसार इन व्यक्तियों पर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने, आतंकवादी संगठनों के लिए भर्ती करने, हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति, ड्रोन के माध्यम से हथियार भेजने तथा भारत विरोधी गतिविधियों के समन्वय जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकी नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में की गई है।

किन गतिविधियों का लगाया गया आरोप
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक सूची में शामिल लोगों पर कई प्रकार की आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं। इनमें आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण, सीमा पार से घुसपैठ में सहायता, हथियारों और विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने तथा जम्मू-कश्मीर में हमलों की साजिश रचने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके अलावा कुछ लोगों पर विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने और भारत विरोधी गतिविधियों को समर्थन देने का भी आरोप लगाया गया है।
हाफिज सईद के सहयोगियों के नाम भी सूची में
अधिसूचना में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के तीन करीबी सहयोगियों अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राना इफ्तिखार का भी उल्लेख किया गया है। सरकार के अनुसार राना इफ्तिखार पर युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने के आरोप हैं। वहीं अब्दुल रऊफ पर आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और वित्तीय संसाधन जुटाने का आरोप लगाया गया है। हाफिज खालिद वलीद को भी कई मामलों में कथित भूमिका के आधार पर सूची में शामिल किया गया है।
पुराने आतंकी हमलों से जुड़े नाम भी शामिल
सरकार ने वर्ष 2016 के नगरोटा सेना शिविर हमले और 2018 के सुनजवां सैन्य स्टेशन हमले से जुड़े बताए गए कुछ व्यक्तियों को भी इस सूची में शामिल किया है। इनमें मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद, हाफिज अब्दुल शकूर और अब्दुल्ला जेहादी के नाम शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार इन पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने और नगरोटा हमले की कथित साजिश में भूमिका निभाने के आरोप हैं। इसी तरह मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ हमजा और मसूद इलियास कश्मीरी पर सुनजवां हमले, घुसपैठ और हथियार उपलब्ध कराने से जुड़े आरोप दर्ज किए गए हैं।
ड्रोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल का उल्लेख
सरकारी दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि कुछ आरोपी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कथित आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। इनमें ड्रोन के माध्यम से हथियार और गोला-बारूद भेजने के आरोप भी शामिल हैं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर नेटवर्क के जरिए युवाओं की भर्ती, फंडिंग, डेटा एन्क्रिप्शन और फर्जी पहचान से संबंधित प्रशिक्षण देने जैसी गतिविधियों का भी उल्लेख अधिसूचना में किया गया है। सरकार का कहना है कि इन तरीकों का उपयोग कर आतंकी नेटवर्क को सक्रिय बनाए रखने का प्रयास किया जाता था।
घुसपैठ और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई
सूची में फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद, हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर और अशफाक अहमद समेत अन्य कई नाम भी शामिल किए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार इन पर सीमा पार घुसपैठ, लॉजिस्टिक सहायता, हथियारों की आपूर्ति, वित्तीय सहयोग और कथित आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने के आरोप लगाए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और कानून के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।