Crime – लोहागढ़ मौत मामले में जांच तेज, पुलिस ने किया साजिश का दावा
Crime – महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले पर प्री-वेडिंग फोटोशूट के दौरान हुई 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत अब केवल एक दुर्घटना के रूप में नहीं देखी जा रही है। पुलिस जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने दावा किया है कि मामले में सुनियोजित साजिश की आशंका बनी है। इसी सिलसिले में मृतक की मंगेतर सिया गोयल और एक अन्य आरोपी चेतन चौधरी को हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

हादसे से हत्या के संदेह तक कैसे पहुंची जांच
केतन अग्रवाल पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ के एक कारोबारी परिवार से जुड़े थे और उनकी शादी नवंबर में प्रस्तावित थी। 18 जून को वह अपनी मंगेतर के साथ लोहागढ़ किले पर गए थे। कुछ समय बाद परिवार को सूचना मिली कि वह गहरी खाई में गिर गए हैं, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। शुरुआती जानकारी इसे दुर्घटना बता रही थी, लेकिन घटनास्थल का निरीक्षण करने और परिस्थितियों की समीक्षा के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए मौत पर संदेह जताया।
एफआईआर के बाद बदली जांच की दिशा
23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत में मृतक के परिवार ने कई बिंदुओं का उल्लेख किया। उनका आरोप था कि घटना से पहले सिया गोयल का व्यवहार बदल गया था और वह लगातार लोहागढ़ जाने का आग्रह कर रही थीं। शिकायत में यह भी कहा गया कि परिवार को बाद में घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य दुर्घटना से मेल नहीं खाती लगीं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल की।
पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों पर पुलिस का फोकस
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों के बयानों में कई जगह असंगतियां सामने आईं। इसके बाद कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई। अधिकारियों का दावा है कि दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय तक लगातार संपर्क रहा और कुछ डिजिटल संदेश भी हटाए गए थे। पुलिस इन तथ्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। वहीं दोनों आरोपियों के अलग-अलग दावे भी जांच का हिस्सा हैं।
कथित साजिश को लेकर पुलिस के दावे
जांच एजेंसियों का कहना है कि उन्हें ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे यह आशंका मजबूत हुई कि घटना पहले से तय योजना का हिस्सा हो सकती है। पुलिस का दावा है कि घटनास्थल के चयन, आरोपियों की गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
एसआईटी जांच और राजनीतिक स्तर पर भी बढ़ी सक्रियता
मामला महाराष्ट्र विधानसभा तक भी पहुंचा, जहां इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। इसके बाद विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्णय लिया गया। मृतक के पिता ने भी राज्य सरकार से मुलाकात कर मामले की तेजी से जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, आरोपियों के परिवारों की ओर से भी अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार होगी।