AmericaFirst – अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप ने राष्ट्रहित और देशभक्ति पर दिया जोर
AmericaFirst – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की आगामी 250वीं वर्षगांठ को राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि यह अवसर अमेरिका की पहचान, साहस और लोकतांत्रिक मूल्यों को फिर से मजबूत करने का है। नॉर्थ डकोटा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने इतिहास में अनेक कठिन चुनौतियों का सामना किया है और हर बार दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ा है। उनके अनुसार, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी यही भावना प्रेरणा का स्रोत बननी चाहिए।

रूजवेल्ट के नेतृत्व को बताया प्रेरणादायक
अपने संबोधन में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के व्यक्तित्व और नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी। ट्रंप ने कहा कि रूजवेल्ट का साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी अमेरिका के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की क्षमता में निहित होती है।
‘America First’ को शासन की प्राथमिकता बताया
ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा आज भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, तो उसका मूल संदेश यही है कि सरकार का पहला दायित्व अपने नागरिकों के हितों की रक्षा करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘America First’ केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि नीति निर्माण का आधार होना चाहिए। उनके अनुसार, राष्ट्रीय हितों को किसी भी राजनीतिक मतभेद, विशेष समूहों के दबाव या पहचान आधारित राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की सभी योजनाओं और निर्णयों का केंद्र आम अमेरिकी नागरिक होना चाहिए।
250वीं वर्षगांठ को भविष्य की दिशा से जोड़ा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ केवल एक ऐतिहासिक उत्सव नहीं है, बल्कि देश के आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी है। उन्होंने नागरिकों से महत्वाकांक्षा, नवाचार और राष्ट्रभक्ति की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर बदलते हालात के बीच अमेरिका को अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखते हुए नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकजुटता और सकारात्मक सोच ही देश की प्रगति का आधार बन सकती है।
कम्युनिज्म पर भी रखे विचार
भाषण के दौरान ट्रंप ने थियोडोर रूजवेल्ट को कम्युनिज्म का प्रबल विरोधी बताते हुए कहा कि उन्होंने उन विचारधाराओं का विरोध किया, जिन्हें वे स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौती मानते थे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की पहचान उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं, स्वतंत्र अभिव्यक्ति और बड़े लक्ष्य हासिल करने की सोच से बनी है। उन्होंने कहा कि देश को भविष्य में भी इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए ताकि उसकी वैश्विक भूमिका और लोकतांत्रिक परंपरा मजबूत बनी रहे।