Cinema – श्रद्धा कपूर की नई बायोपिक को लेकर फीस और शीर्षक दोनों बने चर्चा का विषय
Cinema – 2026 की चर्चित फिल्मों में शामिल ‘ईठा’ अपनी रिलीज से पहले ही कई वजहों से सुर्खियों में है। इस फिल्म में अभिनेत्री श्रद्धा कपूर महाराष्ट्र की प्रसिद्ध लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगावकर का किरदार निभा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बायोपिक के लिए श्रद्धा कपूर ने अपनी अब तक की सबसे अधिक फीस ली है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में इसकी चर्चा और तेज हो गई है।

फीस में दर्ज हुई बड़ी बढ़ोतरी
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ‘ईठा’ के लिए श्रद्धा कपूर को लगभग 15 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक मिला है। इससे पहले उन्होंने फिल्म ‘स्त्री 2’ के लिए करीब 5 करोड़ रुपये और ‘तू झूठी मैं मक्कार’ के लिए लगभग 7 करोड़ रुपये फीस ली थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह बढ़ोतरी उनके बढ़ते स्टारडम और फिल्म के महत्व को देखते हुए की गई है। निर्माता दिनेश विजन का मानना है कि यह प्रोजेक्ट श्रद्धा के करियर का एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है।
विठाबाई नारायणगावकर के जीवन से प्रेरित कहानी
फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और इसकी कहानी महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगावकर के जीवन पर आधारित है। इस बायोपिक में उनके संघर्ष, कला और सामाजिक योगदान को बड़े पर्दे पर दिखाने का प्रयास किया गया है। श्रद्धा कपूर के अलावा रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
शीर्षक को लेकर सामने आई आपत्तियां
फिल्म के नाम ‘ईठा’ को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के फिल्म एवं सांस्कृतिक विभाग ने फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह नाम विठाबाई नारायणगावकर की पहचान और विरासत को पूरी तरह नहीं दर्शाता। संगठन की ओर से सुझाव दिया गया है कि फिल्म का नाम ‘विठा’ या ‘विठाबाई’ रखा जाना चाहिए, ताकि वास्तविक व्यक्तित्व को उचित सम्मान मिल सके।
परिवार ने भी असली नाम के पक्ष में जताई राय
विठाबाई नारायणगावकर के बेटे कैलाश और राजेश नारायणगावकर तथा उनके पोते मोहित ने भी सार्वजनिक रूप से फिल्म के शीर्षक में असली नाम शामिल करने की मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जब फिल्म पूरी तरह विठाबाई के जीवन पर आधारित है, तो शीर्षक में भी उनकी वास्तविक पहचान दिखाई देनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे दर्शकों के सामने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ अधिक स्पष्ट रूप से पहुंचेगा।
अभिनेता अनंत वी जोशी ने दी सफाई
फिल्म से जुड़े अभिनेता अनंत वी जोशी ने शीर्षक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआत में अलग नाम चुनने का उद्देश्य संभावित कानूनी और अन्य प्रशासनिक जटिलताओं से बचना था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिवार की ओर से वास्तविक नाम के उपयोग पर कोई आपत्ति नहीं है, तो मूल नाम अपनाने से फिल्म की विश्वसनीयता और बढ़ सकती है। उनके अनुसार, फिल्म निर्माता पूरे प्रोजेक्ट के दौरान विठाबाई नारायणगावकर के योगदान और विरासत को पूरा सम्मान देने के पक्ष में रहे हैं।