CommodityETF – सितंबर से बदलेंगे गोल्ड और सिल्वर ETF ट्रेडिंग के नियम
CommodityETF – सोने और चांदी के Exchange Traded Funds (ETF) में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए 1 सितंबर 2026 से नया ट्रेडिंग ढांचा लागू होगा। बाजार नियामक SEBI ने कमोडिटी ETF की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों के उतार-चढ़ाव के अधिक अनुरूप बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इस बदलाव के तहत Pre-Open Call Auction और Dynamic Price Band प्रणाली को लागू किया जाएगा।

नए नियमों में क्या होगा बदलाव
नई व्यवस्था के अनुसार गोल्ड और सिल्वर ETF की ट्रेडिंग की शुरुआत शुरुआती ±6 प्रतिशत Price Band के साथ होगी। यदि कारोबार के दौरान कीमतों में अधिक उतार-चढ़ाव होता है, तो निर्धारित Cooling-off Period के बाद Price Band को 3-3 प्रतिशत के चरणों में आगे बढ़ाया जा सकेगा। नई प्रणाली में इस विस्तार की कोई निश्चित ऊपरी सीमा नहीं होगी, जिससे वैश्विक बाजारों में आए बदलावों को भारतीय बाजार अधिक तेजी से समायोजित कर सकेंगे।
आधार मूल्य तय करने का तरीका भी बदलेगा
SEBI ने ETF की शुरुआती कीमत तय करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। नए नियमों के तहत पिछले कारोबारी सत्र के अंतिम 30 मिनट के Closing Price को Reference Price माना जाएगा। नियामक का मानना है कि इससे ट्रेडिंग के शुरुआती समय में कीमत और Net Asset Value (NAV) के बीच अनावश्यक अंतर कम करने में मदद मिलेगी।
निवेशकों को मिल सकते हैं ये लाभ
नई व्यवस्था का उद्देश्य कीमतों में अधिक पारदर्शिता और बेहतर Price Discovery सुनिश्चित करना है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रात के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में हुए बदलाव अगले कारोबारी दिन भारतीय ETF में अधिक सटीक रूप से दिखाई दे सकेंगे। साथ ही कृत्रिम Premium और Discount की स्थिति कम होने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों को अधिक उचित मूल्य पर खरीद और बिक्री का अवसर मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Liquidity में भी सुधार हो सकता है।
अन्य ETF श्रेणियों में भी होंगे बदलाव
SEBI की नई व्यवस्था केवल कमोडिटी ETF तक सीमित नहीं है। Equity ETF और Debt ETF में भी Dynamic Price Band लागू किया जाएगा। हालांकि Liquid ETF और Currency ETF के लिए मौजूदा Price Band में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन श्रेणियों में केवल कुछ परिचालन संबंधी प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा।
निवेश रणनीति पर विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव को दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण से देखना चाहिए। चांदी की औद्योगिक मांग सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में लगातार बनी हुई है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए व्यवस्थित निवेश रणनीति जारी रखना उपयोगी हो सकता है। वहीं नए निवेशकों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश पर विचार करने की सलाह दी जाती है।