DrugControl – मादक पदार्थ तस्करी रोकने को केरल ने पड़ोसी राज्यों से मांगा सहयोग
DrugControl – केरल सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी के बढ़ते नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने की पहल की है। राज्य में चल रहे “ऑपरेशन तूफान” को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से संयुक्त रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि नशे के अवैध कारोबार से निपटने के लिए केवल राज्य स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि अंतर-राज्यीय सहयोग भी जरूरी है।

पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजा गया प्रस्ताव
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने बताया कि उन्होंने कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर बेहतर तालमेल की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी अक्सर कई राज्यों में फैले नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है, इसलिए इनके खिलाफ साझा कार्रवाई अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।
सतीशन के अनुसार, रियल टाइम खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान, संयुक्त अभियान और समन्वित योजना तैयार करना इस चुनौती से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने इस विषय पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने का भी सुझाव दिया है।
संयुक्त कार्रवाई की दिशा में बढ़ रहे कदम
राज्य के गृह विभाग ने भी इस पहल को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के सुरक्षा अधिकारियों के साथ सहयोग के नए तंत्र पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने और तस्करी के मार्गों की पहचान कर संयुक्त कार्रवाई करने जैसे मुद्दों पर विचार किए जाने की संभावना है। अधिकारियों का मानना है कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
ऑपरेशन तूफान के तहत जारी है अभियान
राज्य सरकार ने जून महीने की शुरुआत में “ऑपरेशन तूफान” शुरू किया था। इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े संगठित नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करना है। स्वास्थ्य विभाग, उत्पाद शुल्क विभाग और पुलिस मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने पहले भी स्पष्ट किया था कि अभियान केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से भी इस पहल में सहयोग की अपील की थी।
मामलों और गिरफ्तारियों में दर्ज हुई बढ़ोतरी
विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन तूफान के तहत अब तक 2,954 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 3,176 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये आंकड़े राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की व्यापकता को दर्शाते हैं।
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2025 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 36,314 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के 27,530 मामलों की तुलना में काफी अधिक हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य में नशीले पदार्थों की समस्या एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय
राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में केरल में एनडीपीएस से जुड़े मामलों की संख्या देश में सबसे अधिक दर्ज की गई थी। इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ लंबी लड़ाई में जनसहभागिता, राज्यों के बीच सहयोग और निरंतर निगरानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार का लक्ष्य तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के साथ-साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना भी है।