Education – जंतर मंतर पर चौथे दिन भी जारी रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन
Education – दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित इस धरने में शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। प्रदर्शन में शामिल छात्र, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पेपर लीक की घटनाओं, बढ़ती बेरोजगारी और अन्य युवा मुद्दों को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठीं कई मांगें
धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का मानना है कि शिक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान निकाले जाने चाहिए।
पेपर लीक और बेरोजगारी बना प्रमुख मुद्दा
धरना स्थल पर मौजूद युवाओं ने पेपर लीक की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार आने वाली गड़बड़ियों से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है। इसके अलावा रोजगार के अवसरों को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की। युवाओं का कहना है कि नौकरी से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि योग्य उम्मीदवारों को समय पर अवसर मिल सकें।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विवादों और चुनौतियों की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं और समाधान की अपेक्षा जता रहे हैं।
बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता
मंगलवार को धरना स्थल पर छात्रों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय मौजूदगी देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगाए गए और अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से रखा गया। आयोजनकर्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा।
संवाद और समाधान की उम्मीद
धरना दे रहे समूहों का कहना है कि उनका उद्देश्य शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार इन विषयों पर गंभीरता से विचार करे और छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाए। फिलहाल जंतर मंतर पर जारी यह आंदोलन युवाओं और शिक्षा से जुड़े प्रश्नों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।