अंतर्राष्ट्रीय

LNG – होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर दहेज पहुंचा गैस कार्गो

LNG – भारत की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही एक बड़ी एलएनजी खेप गुजरात के दहेज बंदरगाह पहुंच गई है। ‘दिशा’ नामक एलएनजी टैंकर रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार करते हुए शुक्रवार सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचा। जहाज के साथ आई द्रवीकृत प्राकृतिक गैस की यह खेप ऐसे समय में पहुंची है, जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

उपलब्ध शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, टैंकर शुक्रवार सुबह दहेज टर्मिनल पर पहुंचा। इस पोत में लगभग 62 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलएनजी लदी हुई है, जिसे कतर के रास लाफान टर्मिनल से रवाना किया गया था।

कतर से लोड होकर भारत पहुंची खेप

जानकारी के मुताबिक, एलएनजी कार्गो को कतर के प्रमुख निर्यात केंद्र रास लाफान से जहाज में भरा गया था। यह खेप भारत की गैस जरूरतों को पूरा करने में योगदान देगी। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस तरह की नियमित आपूर्ति देश के औद्योगिक और घरेलू गैस उपभोग को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

होर्मुज मार्ग से सुरक्षित गुजरना रहा अहम

दिशा टैंकर का सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करना विशेष महत्व रखता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक तेल और गैस बाजारों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में भारतीय बंदरगाह तक एलएनजी कार्गो का सुरक्षित पहुंचना सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

लंबे समय तक खाड़ी क्षेत्र में रहा पोत

सूत्रों के अनुसार, यह टैंकर अपनी अंतिम यात्रा पूरी करने से पहले तीन महीने से अधिक समय तक खाड़ी क्षेत्र में विभिन्न परिचालन गतिविधियों में लगा रहा। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारत के लिए रवाना हुआ। जहाज की सफल समुद्री यात्रा को ऊर्जा आयात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

दहेज टर्मिनल की अहम भूमिका

गुजरात के भरूच जिले में स्थित दहेज एलएनजी टर्मिनल देश के सबसे बड़े गैस आयात केंद्रों में गिना जाता है। यह टर्मिनल भारत के प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क का प्रमुख हिस्सा है और विभिन्न राज्यों तक गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई खेप के पहुंचने से गैस उपलब्धता में मजबूती आएगी और उद्योगों के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।

ऊर्जा क्षेत्र को मिला भरोसा

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच इस खेप का समय पर पहुंचना भारतीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए राहतभरी खबर माना जा रहा है। ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है और यह घटना उस आवश्यकता को फिर रेखांकित करती है।

भारत लगातार अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों और सुरक्षित आपूर्ति मार्गों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ऐसे में एलएनजी टैंकर का सफल आगमन देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति स्थिरता के लिहाज से एक सकारात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है।

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